Bihar Land Registration: जमीन की खरीद-बिक्री के लिए नई व्यवस्था लागू, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

Bihar Land Registration: जमीन की खरीद-बिक्री के लिए निबंधन की नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब ई-स्टांप खरीदने के लिए भी ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है। ...

जमीन की खरीद-बिक्री के लिए निबंधन की नई व्यवस्था लागू - फोटो : social Media

Bihar Land Registration: जमीन की खरीद-बिक्री के लिए निबंधन की नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब ई-स्टांप खरीदने के लिए भी ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के तहत नकद भुगतान की सुविधा बंद कर दी गई है। हालांकि, डिजिटल भुगतान की अनिवार्यता से उन लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिन्हें यूपीआई, नेट बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन की जानकारी नहीं है। खासकर ग्रामीण इलाकों से जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंच रहे खरीदारों और विक्रेताओं को ई-स्टांप खरीदने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पारंपरिक स्टांप की उपलब्धता घटने से भी लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पहले जहां लोग नकद भुगतान कर स्टांप खरीद लेते थे, वहीं अब उन्हें ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है। डिजिटल भुगतान की जानकारी और जरूरी सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त पैसे भी खर्च करने पड़ रहे हैं। साइबर कैफे और सीएससी संचालक प्रति ट्रांजैक्शन अलग से राशि वसूल रहे हैं, जिससे जमीन की खरीद-बिक्री का खर्च बढ़ रहा है।

सर्वर की समस्या से तीन दिन तक अटक रहा काम

ई-स्टांप खरीदने की ऑनलाइन प्रक्रिया में सर्वर की समस्या भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। सर्वर डाउन रहने के कारण कई बार भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। नतीजतन, जिस काम को एक दिन में पूरा हो जाना चाहिए, उसके लिए लोगों को दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे न केवल खरीदारों और विक्रेताओं का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि जमीन निबंधन की प्रक्रिया में भी देरी हो रही है। दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

स्मार्टफोन होने के बावजूद नहीं कर पा रहे ऑनलाइन भुगतान

शनिवार को कार्यालय पहुंचे योगापट्टी के हरिशंकर प्रसाद, नौतन के श्याम किशोर प्रसाद और अकलू राउत ने अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके पास स्मार्टफोन तो है, लेकिन उन्हें यूपीआई और नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान करने की जानकारी नहीं है। ऐसे में ई-स्टांप खरीदने के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऑनलाइन भुगतान की अनिवार्यता के कारण अतिरिक्त खर्च उठाने के साथ-साथ समय भी गंवाना पड़ रहा है।

सरकार के निर्देश पर लागू हुई नई व्यवस्था

इस मामले में दी नेशनल सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मिथिलेश कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देश पर ई-स्टांप खरीदने के लिए ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य किया गया है। इसी के तहत नकद भुगतान की सुविधा बंद की गई है। नई व्यवस्था का मकसद भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल बनाना और लेन-देन में पारदर्शिता लाना है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की कमी और सर्वर संबंधी दिक्कतों के कारण लोगों को तत्काल राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में जरूरत है कि ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए, सर्वर की समस्या दूर हो और ग्रामीणों को डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि जमीन निबंधन की प्रक्रिया उनके लिए परेशानी के बजाय सुविधाजनक बन सके।