ओपेन माइंड ए बिरला स्कूल: 'विरासत 2025' में बच्चों ने बिखेरे बिहार की संस्कृति के रंग, वार्षिक उत्सव में मचाया धमाल
Patna - दानापुर स्थित ओपेन माइंड ए बिरला स्कूल में वार्षिक महोत्सव 'विरासत 2025' का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस भव्य समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ना था, जिसमें उन्होंने बिहार की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को बहुत ही सुंदर और कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया।
बच्चों ने लोक-नृत्य और लोक-संगीत के जरिए समा बांधा
समारोह की थीम 'विरासत' के अनुरूप विद्यार्थियों ने बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों को मंच पर जीवंत कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने लोक-नृत्य और लोक-संगीत के जरिए समा बांध दिया। विशेष रूप से बिहार के महापर्व छठ पूजा पर आधारित नृत्य नाटिका ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावविभोर कर दिया, जिसमें आस्था और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। बिहार की संस्कृति के साथ-साथ बॉलीवुड गीतों पर आधारित सुंदर झाकियों की प्रस्तुति ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के सीईओ अमन कुमार, प्रधानाचार्य पलजिन्दर पाल, उपप्राचार्या पूनम पाण्डेय और चारों शाखाओं के समन्वयक—धर्मवीर कुमार, गौरव कुमार, नूपुर एवं मोमिता—ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर उत्सव का आगाज किया। अतिथियों ने कहा कि दीप की यह ज्योति न केवल कार्यक्रम का शुभारंभ है, बल्कि यह विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का प्रतीक भी है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के पश्चात पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं और शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान छात्रों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं। पुरस्कार प्राप्त कर विद्यार्थियों में अपार उत्साह और गर्व की झलक दिखाई दी।
कार्यक्रम के समापन सत्र में विद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रधानाचार्य ने कार्यक्रम की अपार सफलता के लिए सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। अंत में, विद्यालय की समन्वयक नूपुर सिन्हा ने कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विधिवत धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसके साथ ही इस यादगार वार्षिक उत्सव 'विरासत' का समापन हुआ।