शिकारी खुद यहाँ शिकार हो गया! ADC को फंसाने चले थे वकील साहब, विभाग ने उनकी ही 'दुकान' का शटर गिरा दिया!

टना के ADC चुनेन्द्र महतो पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप जांच में गलत पाए गए। मुख्य शिकायतकर्ता स्वयं नकली दवा बनाने का दोषी निकला, जिसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश।

Patna - बिहार स्वास्थ्य विभाग ने पटना के सहायक औषधि नियंत्रक (ADC) चुनेन्द्र महतो और तत्कालीन लिपिक अभय कुमार सिंह को भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त कर दिया है। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता स्वयं नकली दवाओं के निर्माण और अवैध कारोबार में संलिप्त था 

लाखों की अवैध वसूली का लगा था आरोप

मुजफ्फरपुर के समाजसेवक देवेन्द्र रजक, पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता केदार सिंह, प्रभात कुमार और 11 अन्य दवा दुकानदारों ने एक शपथ पत्र के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी । आरोप था कि सहायक औषधि नियंत्रक चुनेन्द्र महतो और तत्कालीन लिपिक अभय कुमार सिंह ड्रग लाइसेंस निर्गत करने और दुकानों के संचालन के बदले अवैध रूप से लाखों रुपये की वसूली करते हैं । इस शिकायत के बाद विभाग ने दोनों कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की थी 

अधिकारियों का पक्ष: बदले की भावना से की गई शिकायत

अपने स्पष्टीकरण में ADC चुनेन्द्र महतो ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि उनके द्वारा नकली दवाओं की बिक्री और निर्माण के विरुद्ध चलाए गए कठोर अभियानों के कारण कुछ व्यवसायी प्रतिशोध की भावना से काम कर रहे हैं । वहीं, तत्कालीन लिपिक अभय कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में ड्रग लाइसेंस ONDLS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन निर्गत होते हैं, जिसमें किसी लिपिक की कोई भूमिका नहीं होती, अतः वसूली के आरोप बेबुनियाद हैं 

जांच में चौंकाने वाला खुलासा: शिकायतकर्ता की दवाएं मिलीं 'Spurious'

विभाग ने जब आरोपों की गहराई से जांच की, तो शिकायतकर्ता केदार सिंह के औषधि निर्माण संस्थानों (M/s Anshu Pharma और New Lab Industries) की जांच रिपोर्ट सामने आई । CDL कोलकाता (Central Drugs Laboratory) की जांच में उनके यहाँ से जब्त Gentamicin Inj., Dexamethasone Sodium Phosphate, Marbromine Solution और Electrolytic Chlorine जैसी दवाओं को 'Spurious' (नकली) और मानक गुणवत्ता के विपरीत (Not of Standard Quality) पाया गया 

दोषी पाए जाने पर शिकायतकर्ता का लाइसेंस रद्द

नकली दवाओं के निर्माण और अवैध भंडारण के मामले में अधिवक्ता केदार सिंह और उनके संस्थानों को दोषी पाया गया । प्रशासन द्वारा उनके विरुद्ध अभियोजन संख्या-113 (0)/2025 और 259 (0)/2025 दर्ज कराए गए हैं । साथ ही, अनियमितताओं के आधार पर विभाग ने केदार सिंह के औषधि विक्रय संस्थान 'न्यू लैब इन्डस्ट्रीज' का लाइसेंस 18 सितंबर 2025 को रद्द कर दिया था 

विभागीय निर्णय: आरोपों को किया गया संचिकास्त

स्वास्थ्य विभाग ने पाया कि ADC चुनेन्द्र महतो के विरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार थे और केवल कार्रवाई से बचने के लिए लगाए गए थे । इस बीच, परिवादी प्रभात कुमार और केदार सिंह ने अपना परिवाद वापस लेने का भी आवेदन दिया था । अंततः, सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चुनेन्द्र महतो के स्पष्टीकरण को स्वीकार करते हुए इस मामले को बंद (संचिकास्त) कर दिया है