पटना पुलिस का बड़ा एक्शन: बेऊर थाने की महिला दरोगा सस्पेंड; शराबी को थाने से छोड़ने और विवाद मामले में गिरी गाज
पटना में कानून-व्यवस्था और अनुशासन को लेकर पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। थाने के भीतर हुए विवाद और शराब के नशे में पकड़े गए एक व्यक्ति को छोड़ने के गंभीर आरोप में बेऊर थाना की एक महिला सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) पर गाज गिरी है।
Patna - पटना पुलिस ने अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में बेऊर थाने में तैनात महिला दरोगा रजनीगंधा को निलंबित कर दिया है। पटना पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कार्रवाई की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दरोगा पर आरोप है कि उन्होंने नियमों की अनदेखी करते हुए थाने में लाए गए एक आरोपी के प्रति ढुलमुल रवैया अपनाया।
शराबी को छोड़ने के आरोप में हुई कार्रवाई
निलंबन का मुख्य कारण बेऊर थाने में शराब के नशे में लाए गए एक व्यक्ति को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए छोड़ने का मामला बताया जा रहा है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद, थाने के स्तर पर इस तरह की लापरवाही को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी को छोड़े जाने की बात सामने आने के बाद विभाग की काफी किरकिरी हुई थी।
थाने के भीतर हुआ था हाई-वोल्टेज विवाद
जानकारी के अनुसार, इस निलंबन के पीछे थाने के भीतर हुआ एक विवाद भी प्रमुख वजह रही है। शराब के नशे में पकड़े गए व्यक्ति को लेकर थाने में ही दरोगा और अन्य कर्मियों के बीच बहस और तकरार की स्थिति बन गई थी। इस विवाद के सार्वजनिक होने और वरिष्ठ अधिकारियों तक सूचना पहुँचने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई थी।
पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह की सख्त चेतावनी
पटना पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस बल में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अन्य पुलिसकर्मियों को भी चेतावनी दी है कि यदि कोई भी अधिकारी शराबबंदी कानून या अन्य विभागीय नियमों के साथ खिलवाड़ करता पाया गया, तो उस पर इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय जांच और आगे की प्रक्रिया
रजनीगंधा के निलंबन के साथ ही मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या शराबी को छोड़ने के बदले किसी प्रकार का लेनदेन किया गया था या यह केवल प्रशासनिक चूक थी। फिलहाल, इस कार्रवाई से पटना के अन्य थानों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
Report - anil kumar