खलिहान की झोपड़ी में भीषण आग, सो रहे 6 साल के बच्चे और उसके दो साल की बहन की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत

शनिवार को एक हृदयविदारक हादसा हो गया, जहां एक झोपड़ी में आग लगने से दो मासूम भाई-बहन की जिंदा जलकर मौत हो गई। पुंज बांध रहे पिता के शोर मचाने पर जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते, तब तक 6 वर्षीय प्रियांशु और उसकी 2 वर्षीय बहन मौत हो गई

Patna - पटना जिले के भगवानगंज थाना अंतर्गत दनारा गांव में शनिवार की दोपहर आग का तांडव देखने को मिला। गांव के एक खलिहान में बनी फुसनुमा झोपड़ी में अचानक आग लगने से उसमें सो रहे 6 वर्षीय बालक और उसकी 2 वर्षीय बहन की झुलसकर मौत हो गई। इस हादसे के दौरान झोपड़ी में सो रहा एक अन्य बच्चा किसी तरह अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

खलिहान की देखरेख के लिए बनाई थी झोपड़ी 

दनारा गांव निवासी विकास कुमार उर्फ कल्लू ठाकुर ने अपने खलिहान में धान की फसल की सुरक्षा के लिए एक अस्थायी झोपड़ी बना रखी थी। शनिवार की दोपहर विकास पास में ही पुंज बांधने का काम कर रहे थे, जबकि उनके तीन बच्चे—प्रियांशु कुमार (6 वर्ष), अंशु कुमार (4 वर्ष) और मानसी कुमारी (2 वर्ष) झोपड़ी के भीतर सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात कारणों से झोपड़ी में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते लपटों ने पूरी झोपड़ी को घेर लिया।

एक भाई सुरक्षित निकला, दो की झुलसकर मौत 

आग की लपटें उठती देख 4 वर्षीय अंशु किसी तरह झोपड़ी से बाहर निकलने में कामयाब रहा और उसकी जान बच गई। हालांकि, वहां सो रहे प्रियांशु और मानसी आग की चपेट में आ गए। पिता के शोर मचाने पर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों मासूम दम तोड़ चुके थे। सूचना मिलते ही भगवानगंज पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच (PMCH) भेज दिया।

पूरे गांव में मातमी सन्नाटा 

इस घटना के बाद से मृतक बच्चों के घर में कोहराम मचा हुआ है। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें ढाढ़स बंधाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता कौशल यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुटे हुए हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।