पटना: OLX पर नौकरी के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 3 शातिर ठग गिरफ्तार

पटना पुलिस की साइबर थाना टीम ने नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। ओएलएक्स (OLX) के जरिए लोगों के बैंक खाते और एटीएम कार्ड लेकर मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले तीन शातिर अपराधियों को पटना और देवघर से गिरफ्तार

OLX पर नौकरी के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़- फोटो : Reporter

पटना पुलिस की साइबर थाना टीम ने एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह संगठित गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर के मासूम लोगों को अपना शिकार बनाता था। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान पटना के जानीपुर निवासी फहद खान, झारखंड के देवघर (कोरों) निवासी मुस्तफा अंसारी और देवघर (पथरोल) निवासी गुलाम जिलानी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।


ओएलएक्स (OLX) के जरिए बिछाते थे जाल: बैंक खाते और एटीएम कार्ड उड़ाने का खेल

इस गिरोह के काले कारनामों का खुलासा तब हुआ जब ७ जुलाई को एक पीड़ित ने पटना साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, यह गिरोह ओएलएक्स प्लेटफॉर्म पर नौकरी का झांसा देकर आम लोगों को अपने जाल में फंसाता था। शातिर ठग नौकरी की कागजी कार्रवाई के नाम पर लोगों से उनके बैंक खाते की डिटेल और एटीएम कार्ड ले लेते थे। इसके बाद, इन बैंक खातों का इस्तेमाल देशभर से साइबर अपराध के जरिए ठगे गए पैसों को मंगाने और ठिकाने लगाने (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए किया जाता था।


देवघर से लेकर पटना तक ताबड़तोड़ छापेमारी: तकनीकी अनुसंधान से दबोचे गए अपराधी

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) संकेत कुमार के दिशा-निर्देश पर साइबर थाने की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने पीड़ित से मिले इनपुट्स और आधुनिक तकनीकी अनुसंधान (मोबाइल लोकेशन व सीडीआर) के आधार पर पटना के साथ-साथ झारखंड के देवघर जिला अंतर्गत मधुपुर और पथरोल इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इसी संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गिरोह के यह तीनों मुख्य सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए।


आरोपियों ने कबूला अपना गुनाह: न्यायिक हिरासत में भेजे गए तीनों शातिर ठग

पुलिस की कड़ी पूछताछ में तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक सुनियोजित और संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। ओएलएक्स के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाना इनका मुख्य जरिया था। पुलिस प्रशासन इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों और उनके बैंक संपर्कों की तलाश में लगातार आगे की छापेमारी कर रही है। फिलहाल, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।