फतुहा मर्डर या हादसा? जलकुंभी से बरामद हुआ पटनासिटी के दो दिनों से लापता व्यवसायी का शव

पटनासिटी के चैलीताड़ से 13 जुलाई से लापता टेंट डेकोरेशन कारोबारी मनोज कुमार का शव फतुहा के नरैना पुल के नीचे जलकुंभी से बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर हत्या और हादसे के कोण से जांच शुरू कर दी है।

लापता टेंट व्यवसायी मनोज कुमार का फतुहा में मिला शव- फोटो : Reporter

पटना के फतुहा थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पिछले दो दिनों से लापता टेंट डेकोरेशन कारोबारी मनोज कुमार का शव बरामद हुआ है। शव मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली, उनके घर में कोहराम मच गया। मृतक मनोज कुमार मूल रूप से पटनासिटी के न्यू कृष्ण प्रणामी मंदिर चैलीताड़ इलाके के रहने वाले थे, जो बीते 13 जुलाई 2026 को काजीबाग (पटनासिटी) से अचानक लापता हो गए थे।


नरैना पुल के नीचे जलकुंभी में फंसा मिला शव

यह पूरा मामला फतुहा थाना क्षेत्र के नरैना पुल के पास का है। स्थानीय लोगों को पुल के ठीक नीचे नदी की जलकुंभी में एक लावारिस शव फंसा हुआ दिखाई दिया, जिसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही फतुहा पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को जलकुंभी से बाहर निकाला। मृतक की पहचान लापता व्यवसायी मनोज कुमार के रूप में की गई। हैरानी की बात यह है कि जिस जगह से शव बरामद हुआ है, ठीक उसी के पास से उनकी स्कूटी भी बरामद की गई है।


पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटनास्थल पर आवश्यक प्राथमिक साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और तुरंत उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फतुहा थानाध्यक्ष ने शव मिलने और उसकी पहचान टेंट कारोबारी के रूप में होने की आधिकारिक पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा कि यह हादसा है, आत्महत्या या फिर कोई सोची-समझी साजिश।


साजिश और हादसे के कोण से जांच में जुटी पुलिस

लापता टेंट कारोबारी का शव फतुहा तक कैसे पहुंचा, यह गुत्थी अभी अनसुलझी है। पुलिस इस मामले को हत्या और दुर्घटना दोनों ही दृष्टिकोण से देख रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गायब होने के बाद मनोज कुमार खुद स्कूटी से वहां पहुंचे थे या उन्हें साजिश के तहत वहां लाया गया था। फिलहाल, पुलिस परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ करते हुए मोबाइल लोकेशन और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

रिपोर्ट - रजनीश कुमार