Patna High Court: रामाशीष चौक बस स्टैंड की बंदोबस्ती पर हाईकोर्ट मे कसा शिकंजा, सरकार से पूछा- अंडरटेकिंग के बाद फिर टेंडर कैसे?

Patna High Court:पटना हाईकोर्ट ने वैशाली के हाजीपुर स्थित रामाशीष चौक बस स्टैंड की दोबारा बंदोबस्ती को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

Patna High Court:पटना हाईकोर्ट ने वैशाली के हाजीपुर स्थित रामाशीष चौक बस स्टैंड की दोबारा बंदोबस्ती को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल कर पूरी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। साथ ही बंदोबस्ती लेने वाले व्यक्ति को भी नोटिस जारी किया गया है।एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मनीष कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अक्षांश शंकर ने अदालत को बताया कि हाजीपुर-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-77 के निर्माण के दौरान रामाशीष चौक पर लगातार जाम और अतिक्रमण की समस्या सामने आई थी। इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया था।प्रशासन ने अपने हलफनामे में अदालत को बताया था कि चौक के आसपास मौजूद अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। इसके अलावा पुलिस स्टेशन को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने और बस-टेंपो स्टैंड के लिए वैकल्पिक स्थान चिह्नित कर उसे अस्थायी रूप से स्थानांतरित किए जाने की जानकारी भी कोर्ट को दी गई थी।लेकिन आरोप है कि इन आश्वासनों के बाद भी प्रशासन ने रामाशीष चौक स्थित उसी बस स्टैंड की दोबारा बंदोबस्ती कर दी। यही मामला अब हाईकोर्ट के सामने पहुंचा है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात को गंभीरता से लिया कि जब जिला प्रशासन पहले ही कोर्ट के समक्ष उस स्थान से स्टैंड हटाने और व्यवस्था बदलने की बात कह चुका था, तो फिर उसी स्थान के लिए बंदोबस्ती या टेंडर की प्रक्रिया कैसे शुरू कर दी गई।अदालत ने राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है कि कोर्ट में दिए गए प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद उसी स्थान पर दोबारा बंदोबस्ती करने का आधार क्या था।हाईकोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह का समय देते हुए जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। बंदोबस्ती लेने वाले को नोटिस जारी होने के बाद अब उसकी ओर से भी मामले में अपना पक्ष रखने की उम्मीद है।

रामाशीष चौक हाजीपुर का महत्वपूर्ण यातायात केंद्र है। यहां बस, टेंपो और दूसरे व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही के कारण पहले से ही यातायात दबाव और जाम की समस्या उठती रही है। ऐसे में स्टैंड की बंदोबस्ती और उसके संचालन को लेकर प्रशासनिक फैसले सीधे यातायात व्यवस्था से जुड़े हैं।अब अदालत के रुख के बाद सरकार और जिला प्रशासन के सामने यह बताने की चुनौती है कि आखिर एक तरफ कोर्ट में अतिक्रमण और जाम हटाने का भरोसा दिया गया, वहीं दूसरी तरफ उसी स्थान पर स्टैंड की बंदोबस्ती क्यों की गई।अगली सुनवाई में सरकार का जवाब इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकता है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश ने रामाशीष चौक बस स्टैंड की बंदोबस्ती पर कानूनी पेंच कस दिया है।