Patna High Court: पुलिस डायरी पर पटना हाईकोर्ट का सख्त सवाल, कहा-जांच सिर्फ कागजों में, नाबालिग के अपहरण मामले में नई SIT गठित करने का आदेश
Patna High Court:नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप वाले बेहद संगीन मामले में पटना हाईकोर्ट ने पुलिस की तफ्तीश पर कड़ी नाराज़गी जाहिर करते हुए जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।...
Patna High Court: पटना हाई कोर्ट ने पुलिस डायरी पर गम्भीर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यह एक एक चिंताजनक स्थिति हैं।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस कुमार मनीष की खंडपीठ ने लाल बहादुर दास की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की।कोर्ट ने कहा कि पुलिस डायरी के अवलोकन से पता चलता है कि 22 जुलाई ,2025 से लेकर एक सप्ताह की अवधि तक जांच अधिकारी ने उन लोगों से पूछताछ करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जिनके नाम गिरफ्तार आरोपियों के बयान में सामने आया हैं।
22 जुलाई, 2025 के बाद पुलिस डायरी 29 जुलाई ,2025 को लिखी गई।कोर्ट ने कहा कि केस डायरी के पन्नों में सैकड़ों पैराग्राफ हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश केवल दिखावटी पैराग्राफ हैं ,जिनमें बार-बार वही बातें दोहराई गई हैं। जो जांच अधिकारी ने टेम्पो चालक या ऑटो चालक से पूछी थीं। जिन स्थानों पर अभियुक्तों द्वारा पीड़िता को ले जाया गया था, वहां जांच अधिकारी ने छापेमारी तक नहीं की।जबकि मामले की निगरानी डीएसपी के हाथ में थी।
डीएसपी को विशेष जांच समिति (एसआईटी) का जिम्मा दे दिया गया।कोर्ट ने यह भी यह भी पाया कि मामले में नामित कुछ व्यक्तियों से पूछताछ तक नहीं की गई है। केस डायरी को देखने से एक बात स्पष्ट है कि जांच अधिकारी और पर्यवेक्षण प्राधिकरण दोनों ने ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
वही महाधिवक्ता एसडी संजय और सरकारी वकील किंकर कुमार ने कोर्ट में माना कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पूर्णिया के एसपी से इस मामले पर चर्चा हुई है ।उन्होंने आश्वासन दिया है कि पूर्णिया एसपी तत्काल नये एसआईटी का गठन कर देंगे और नाबालिग पीड़िता को बरामद करने की हर संभव प्रयास किया जायेगा। कोर्ट ने एसआईटी का नेतृत्व किसी ऐसे पुलिस अधिकारी को करने की बात कही जो इस प्रकार के मामलों की जांच में अच्छी प्रतिष्ठा और अनुभव रखते हो।
कोर्ट ने कहा कि नये गठित एसआईटी पीड़ित लड़की का पता लगाने के लिए चौबीसों घंटे काम करेगा। इसके लिए एसआईटी को जो भी आवश्यक आवश्यक होगी उसे तत्काल प्रशासनिक अनुमति दे दी जाये।कोर्ट ने मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 9 जुलाई,2026 तय की। गौरतलब है कि आवेदक ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसकी नाबालिग लड़की को वेश्यावृत्ति में धकेलने के उद्देश्य से उसका अपहरण कर लिया गया।पूर्णिया के पुलिस महानिरीक्षक को कई अभ्यावेदन दिया गया है।लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कि गई हैं।