बिहार में एनालॉग पनीर की बिक्री होगी बंद ! पटना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से किया जवाब-तलब, इस दिन सुनवाई

बिहार में एनालॉग पनीर की बिक्री प्रतिबंधित करने से जुडी याचिका पर चीफ जस्टिस वी. कामेश्वर राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार को हुए जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए छः सप्ताह का मोहलत दिया है।

Analog Paneer Sale Banned in Bihar - फोटो : news4nation

Patna High Court : पटना हाई कोर्ट ने बिहार राज्य में कथित तौर पर अवैध तरीके से एनालॉग पनीर (कृत्रिम पनीर) के बनाए जाने तथा बिक्री पर कार्रवाई को लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई की।चीफ जस्टिस वी कामेश्वर राव  की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर  सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 11 जनवरी 2027 को की जायेगी।


चीफ जस्टिस  वी. कामेश्वर राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका पर  राज्य सरकार को हुए जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए  छः सप्ताह का मोहलत दिया  हैं। उसके बाद  याचिकाकर्ता को जबाब  देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया हैं।


इस  जनहित याचिका में कहा गया है की इस प्रकार के पनीर की बिक्री की वजह से राज्य के लोगों के स्वास्थ पर विभिन्न रूप में बुरा प्रभाव पड़ रहा है। आगे, याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट(एफएसएसए) 2006 का कड़ाई से पालन किए जाने की जरूरत है, ताकि आम लोगों के स्वास्थ से खिलवाड़ नहीं किया जा सके। याचिका में एनालॉग पनीर के बारे में लोगों को जागरूक किए जाने का भी अनुरोध किया गया है।


राज्य सरकार की खाद्य निगरानी एजेन्सी द्वारा  भी विभिन्न मिठाई की दुकानों व रेस्टोरेंट में बड़ी मात्रा  में नकली पनीर  की छापेमारी धड़ पकड़ की जा रही हैं। 


 याचिकाकर्ता ने उक्त मामले में राज्य के मुख्य सचिव तथा राज्य के स्वास्थ सचिव को अभ्यावेदन भी दिया है।लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं  हुई  है। इस  जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 11 जनवरी,2027 को होगी।