Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने अस्पतालों के बायो-मेडिकल कचरे के प्रबंधन मामले पर की सुनवाई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगी रिपोर्ट

Bihar News : बिहार के सरकारी और निजी अस्पतालों द्वारा बायो-मेडिकल वेस्ट के अनुचित निस्तारण के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है......पढ़िए आगे

बोर्ड से मांगी रिपोर्ट - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों  द्वारा  बायो मेडिकल बेस्ट (अस्पतालों का कूड़ा कचरा) को सही ढंग से निस्तारित ( नष्ट या हटाये) नही किये जाने के मामलें पर सुनवाई की। एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह सुनवाई के दौरान  राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि लगभग सभी जिलों में इससे सम्बन्धित  कानून के अनुसार काम हो रहे हैं।

कोर्ट ने सुनवाई करते हुए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  को की जा रही कार्रवाईओं पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश  दिया। इस मामलें पर अगली सुनवाई 22 सितम्बर, 2026 को होगी। पिछली सुनवाई  में कोर्ट  ने राज्य के विभिन्न जिलों और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  को अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। 

पूर्व  में कोर्ट को बताया था कि कोर्ट के आदेश के बाद दस जिलों से ही इस सन्दर्भ में  रिपोर्ट आया  था। साथ ही बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  ने भी की गयी कार्रवाईयों का ब्यौरा  दिया, लेकिन हलफनामा दायर नही किया था। कोर्ट ने सभी बचे जिलों व बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दो सप्ताह में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था । गौरतलब है कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई में राज्य सरकार के जिलों व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कार्रवाईयों का ब्यौरा देने का आदेश दिया था।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जिला के डी एम  से इस तरह के अस्पतालों पर  की गई कार्रवाई का रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। साथ ही बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बताने को कहा था कि ऐसे कितने अस्पतालों को नोटिस दे कर क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट को जानकारी दी गई थी कि राज्य में ऐसे कई छोटे बडे अस्पताल व नर्सिंग होम है,जो नियमों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। इनसे बडे पैमाने प्रदूषण फैलता है,जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। अस्पतालों के कूडे कचरे को इधर उधर मनमाने ढंग से निस्तारित कर दिया जाता है,इससे नागरिकों को काफी कठिनाईयां होती हैं।इस मामलें पर अगली सुनवाई पुनः  22 सितम्बर 2026 को की जायेगी।