Patna Highcourt News : मानसिक रोगियों के इलाज पर पटना हाईकोर्ट सख्त, कहा- केवल कागजों पर न रहे योजना, जमीन पर दिखना चाहिए असर

Patna Highcourt News : बिहार में मानसिक रोगियों के इलाज और उनकी बदहाल स्थिति को लेकर पटना हाईकोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने 23 जून तक बिहार सरकार से रिपोर्ट मांगी है......पढ़िए आगे

पटना हाईकोर्ट सख्त- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने राज्य में मानसिक रोगियों के उचित  इलाज नहीं  होने पर गहरी चिंता जाहिर की। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने स्वयं संज्ञान  लेते हुए इस मामलें की सुनवाई प्रारम्भ किया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को 23 जून, 2026 को  इस मामलें में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा  कि केवल  काग़ज़ी योजना  बनाने के साथ उनका असर भी ज़मीन पर दिखना चाहिए। इस मामलें की सुनवाई 23 जून, 2026 को पुनः की जाएगी। 

कोर्ट ने मानसिक रोगियों की  हालत, उनकी बढ़ती संख्या और बेसहारा मानसिक रोगग्रस्त लोगों को सड़कों पर घूमते रहने पर  भी सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को  मानसिक  रोगियों के  दशा सुधारने के लिए  ठोस कदम उठाने को कहा। पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से  कोर्ट को  बताया गया था कि इन मनोरोगियों के भोजन  और दवाओं पर 1 अक्टूबर, 2025 से खर्च किया जा रहा है। बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सम्बध्द विज्ञान संस्थान द्वारा 144 किस्म की दवाओं को मुफ्त देने संबंधी अधिसूचना दिसम्बर, 2025 में जारी किया गया था। 

कोर्ट को बताया गया था कि आउटडोर मरीजों की संख्या बढी है। 2023 - 24 में नए मरीज़ 15.5 हज़ार मरीज़ आए, वही 2024 - 25 में इनकी संख्या बीस हजार से अधिक हो गयी l टेलीमार्केटिंग हेल्पलाइन से भी सहायता की जाती है। 2022 से  लगभग  36 हज़ार लोगों ने फोन कर लाभ उठाया है। इन मानसिक रोगियो को  प्रशासन और  पुलिस की सहायता से पिछले पांच छह सालों में काफी संख्या में घर पहुंचाया गया है। 2019 -2025 के बीच सौ से अधिक महिला पुरुषों को उनके घर  भेजा गया। 

2026 में कई मनोरोगियों को सफल इलाज के बाद उन्हें घर भेजा गया। वर्तमान संस्थान में 180 बेड हैं। इनमें 100 बेड पुरषों, 60 महिलाओं और 20 कैदियों के लिए रखा गया  हैं। इन्हे बढाने की योजना भी है। कोर्ट ने कहा था कि आम आदमी भी सड़को पर घूमने बाले  मनोरोगियों सूचना चौबीस घंटे चलने टाल फ्री नम्बर पर दे,ताकि उनकी सहायता हो सके। कोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई मे देने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 23 जून, 2026 को रखा है।