श्मशान घाट बना 'मधुशाला': पटना में करोड़ों की लागत से बने घाट पर शराब माफिया का कब्जा, नाव से हो रही तस्करी
पटना के एक थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।जिस श्मशान घाट को करोड़ों रुपये की लागत से जनता के लिए बनाया गया था,वहाँ अब नावों के जरिए गंगा के रास्ते देशी शराब की तस्करी हो रही है।माफियाओं ने घाट पर ही अपना कब्जा जमा लिया
बिहार में पूर्ण शराबबंदी को ठेंगा दिखाते हुए शराब माफियाओं ने अब खाजेकलां में गंगा नदी के किनारे बने करोड़ों रुपये के आधुनिक श्मशान घाट को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। यहाँ गंगा के रास्ते नावों के जरिए भारी मात्रा में देशी शराब की खेप लाई जा रही है। पवित्र माने जाने वाले श्मशान घाट को माफियाओं ने शराब के गोदाम और बिक्री केंद्र में तब्दील कर दिया है। सरकार द्वारा जनता की सुविधा के लिए करोड़ों की लागत से बनाई गई इस भव्य अधोसंरचना पर अब दिन-रात अपराधियों का राज चल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और अंतिम संस्कार में आने वाले श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है।
गंगा की लहरों पर शराब का खेल: नावों के जरिए पहुंच रही है खेप
माफियाओं ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए तस्करी का बेहद सुरक्षित जलमार्ग चुना है। दियारा और सीमावर्ती इलाकों से नावों में देशी शराब भरकर खाजेकलां श्मशान घाट के पिछले हिस्से में उतारी जाती है। चूंकि घाट पर आम लोगों की आवाजाही अंतिम संस्कार के समय ही ज्यादा होती है, इसलिए माफिया इस सुनसान जगह का फायदा उठाकर बेखौफ होकर शराब की अनलोडिंग करते हैं। यहीं से शराब की पेटियों और बोरों को छिपाकर रखा जाता है और फिर स्थानीय स्तर पर इसकी होम डिलीवरी और बिक्री की जाती है।
पुलिस की रोज लगती है गश्त, लेकिन खाकी की नजरों से दूर हैं माफिया
हैरानी की बात यह है कि खाजेकलां थाना पुलिस हर दिन श्मशान घाट के मुख्य रास्तों और आसपास के इलाकों में गाड़ियों की सघन चेकिंग (वाहन जांच) अभियान चलाती है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की इस मुस्तैदी का शराब माफियाओं पर कोई असर नहीं होता। पुलिस की नाक के नीचे करोड़ों के इस सरकारी भवन से शराब का धंधा फल-फूल रहा है, पर पुलिस का हाथ आज तक इन माफियाओं के गिरेबान तक नहीं पहुंच सका है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर अब मिलीभगत के गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय लोगों में खौफ और नाराजगी, कार्रवाई की मांग
इस अवैध धंधे के कारण श्मशान घाट पर हर समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। शाम ढलते ही यहाँ स्थिति और भी डरावनी हो जाती है, जिससे घाट के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासी बेहद खौफजदा हैं। लोगों का कहना है कि जिस जगह को मर्यादा और शांति का प्रतीक होना चाहिए था, उसे अपराधियों का अड्डा बना दिया गया है। क्षेत्रीय नागरिकों ने वरीय पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि खाजेकलां पुलिस की भूमिका की जांच की जाए और श्मशान घाट को शराब माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।