NEET Student Death Case: पटना नीट छात्रा मौत मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, मृतका के मामा से पूछताछ, सुबह सुबह पहुंचे दफ्तर
NEET Student Death Case: पटना में नीट छात्रा हत्या मामले में सीबीआई ने एक बार फिर छात्रा के मामा को पूछताछ के लिए बुलाया है। सुबह सुबह छात्रा के मामा सीबीआई दफ्तर पहुंचे हैं।
NEET Student Death Case: राजधानी पटना के चर्चित नीट छात्रा संदेहास्पद मौत मामले में अब जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस केस के हर पहलू को गहराई से खंगाल रही है। इसी क्रम में CBI की टीम ने एक बार फिर पीड़िता के परिवार के सदस्य को पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया है।
सीबीआई दफ्तर में छात्रा के मामा से पूछताछ
ताजा जानकारी के मुताबिक छात्रा के मामा CBI दफ्तर पहुंचे हैं, जहां उनसे मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी इस केस में हर छोटी-बड़ी जानकारी को जोड़कर घटनाक्रम को स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है। परिजनों से लगातार पूछताछ के जरिए CBI तथ्यों की पुष्टि कर रही है, ताकि मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। यह मामला पहले ही काफी सुर्खियों में रहा है और अब CBI की सक्रियता से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझ सकती है।
आईओ बदले
दूसरी ओर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने केस के जांच अधिकारी (IO) को बदल दिया है। एएसपी पवन कुमार श्रीवास्तव की जगह अब डीएसपी विभा कुमारी को नया आईओ नियुक्त किया गया है। CBI ने 12 फरवरी को केस अपने हाथ में लेने के बाद जांच शुरू की थी, लेकिन जांच की धीमी रफ्तार और प्रक्रियागत खामियों को लेकर पॉक्सो कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसी के बाद यह बदलाव किया गया।
परिजनों और ग्रामीणों का विरोध
नए आईओ बनने के बाद विभा कुमारी अपनी टीम के साथ जहानाबाद में छात्रा के घर पहुंचीं, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि CBI कई बार पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। पूछताछ के दौरान छात्रा की मां की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। मामले में परिजनों को दो बार धमकी भरे पत्र भी मिल चुके हैं, जिसकी शिकायत शकूराबाद थाने में दर्ज है। हालांकि, स्थानीय पुलिस अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है।
जांच में कई खामियां उजागर
CBI की जांच पर कई गंभीर सवाल उठे हैं। केस दर्ज करते समय पॉक्सो एक्ट नहीं जोड़ा गया, जिस पर कोर्ट ने फटकार लगाई। इसके अलावा, मुख्य आरोपी मनीष कुमार रंजन से रिमांड पर पूछताछ नहीं की गई और उसके मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी सही तरीके से जांच नहीं हुई। इतना ही नहीं, घटना के दिन उसकी लोकेशन स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजनों के बयान अब तक कोर्ट में दर्ज नहीं कराए गए हैं और हॉस्टल व आसपास के CCTV फुटेज भी पेश नहीं किए गए।
पटना से अनिल की रिपोर्ट