रसोई गैस का 'पाइपलाइन' समाधान: पटना के 50 मोहल्लों में 10 हजार नए पीएनजी कनेक्शन, जानें रजिस्ट्रेशन का तरीका

पटना में एलपीजी की किल्लत के बीच पीएनजी के विस्तार ने रफ्तार पकड़ ली है। उपमुख्यमंत्री ने 2030 तक 38 लाख घरों तक गैस पाइपलाइन पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।

Patna - राजधानी पटना में एलपीजी के मौजूदा संकट को देखते हुए गेल इंडिया लिमिटेड (GAIL) ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन देने के अभियान को तेज कर दिया है। शुक्रवार को शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर विशेष कैंप लगाए गए, जिनमें 150 से अधिक लोगों ने मौके पर और करीब 350 लोगों ने कार्यालयों के माध्यम से पंजीकरण कराया। कंपनी ने प्रतिदिन 500 नए पंजीकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, ताकि शहर के 50 मोहल्लों और कॉलोनियों के 10 हजार से अधिक घरों को जल्द से जल्द सुरक्षित और सस्ती गैस आपूर्ति से जोड़ा जा सके।

बेली रोड से बाइपास तक बिछ रहा जाल 

वर्तमान में पटना के 31 हजार घरों में पीएनजी के जरिए खाना पकाया जा रहा है। सगुना मोड़ से हड़ताली मोड़ तक बेली रोड के दोनों ओर स्थित इलाकों में आपूर्ति सुचारू है। अब राजेंद्रनगर, कंकड़बाग, कदमकुआं और जीरोमाइल जैसे क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार का काम युद्ध स्तर पर जारी है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार के 18 जिलों में करीब एक लाख घरों तक पीएनजी पहुँच चुकी है और राज्य में कुल 2 लाख 90 हजार घरों में इसका उपयोग हो रहा है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक राज्य के 38 लाख रसोईघरों को इस नेटवर्क से जोड़ना है।

सस्ती, सुरक्षित और निर्बाध: पीएनजी के फायदे 

पीएनजी न केवल एलपीजी की तुलना में 15–20 प्रतिशत सस्ती है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को सिलेंडर खत्म होने या बार-बार बुकिंग करने की झंझट से भी मुक्ति दिलाती है। सुरक्षा के लिहाज से भी यह बेहतर है क्योंकि हवा से हल्की होने के कारण रिसाव की स्थिति में यह तेजी से ऊपर उठ जाती है, जिससे आग लगने का खतरा न्यूनतम रहता है। उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति मिलती है और उन्हें केवल उतना ही भुगतान करना होता है जितना उन्होंने उपयोग किया है।

पंजीकरण प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज 

पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क रखा गया है, हालांकि उपभोक्ताओं को 500 रुपये की सुरक्षा राशि (Security Deposit) जमा करनी होगी। यह राशि चेक, ड्राफ्ट या ऑनलाइन माध्यम से दी जा सकती है। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी भी एक दस्तावेज की आवश्यकता होगी। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि गैस वितरण प्रणाली के लिए नगर निकायों से मिलने वाली अनुमति अब 24 घंटे के भीतर 'स्वतः स्वीकृत' (Deemed Approved) मानी जाएगी।

कैंपों में उमड़ी भीड़ और शिकायतों का अंबार 

शुक्रवार को कश्यप ग्रीन सिटी, राम दुलारी अपार्टमेंट और आरपीएस मोड़ जैसे स्थानों पर लगे कैंपों में लगभग 2000 लोग पहुँचे। जहाँ नए लोग जुड़ने के लिए उत्साहित थे, वहीं कई पुराने आवेदकों ने नाराजगी भी जताई। कुछ उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि तीन महीने पहले पंजीकरण कराने के बावजूद उन्हें अभी तक कनेक्शन नहीं मिला है। उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि एक सप्ताह के भीतर हजारों नए उपभोक्ताओं को गैस का कनेक्शन दिया जा सके।