कौन था वो 'सातवां' सदस्य? नीलम देवी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के आखिरी मिनटों में क्या हुआ

पटना सदर प्रखंड में प्रमुख नीलम देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव संख्या बल की कमी के कारण खारिज हो गया। 10 में से केवल 6 सदस्य ही विरोध में आए, जिससे नीलम देवी की कुर्सी सुरक्षित रही।

Patna - पटना सदर प्रखंड की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जारी उठापटक पर आज विराम लग गया है। अविश्वास प्रस्ताव की अग्निपरीक्षा में प्रमुख नीलम देवी ने अपनी जीत दर्ज की है। प्रखंड कार्यालय में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई इस प्रक्रिया ने सत्ता पक्ष के आत्मविश्वास को और मजबूत कर दिया है।

विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हुआ ध्वस्त

पटना सदर प्रखंड की प्रमुख नीलम देवी अपनी कुर्सी बचाने में सफल रही हैं। विपक्ष द्वारा उनके विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बहुमत के अभाव में औंधे मुंह गिर गया। 28 फरवरी को उप प्रमुख माया देवी सहित 5 सदस्यों ने नीलम देवी के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए यह प्रस्ताव पेश किया था। हालांकि, आज हुई वोटिंग की प्रक्रिया के बाद विपक्ष के सारे दावे विफल साबित हुए और नीलम देवी के नेतृत्व पर मुहर लग गई।

संख्या बल के फेर में फंसा विपक्ष

पटना सदर बीडीओ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव को पारित कराने के लिए कानूनी रूप से आवश्यक संख्या बल विपक्ष नहीं जुटा सका। कुल 10 सदस्यों वाले इस प्रखंड बोर्ड में प्रस्ताव को पास कराने के लिए कम से कम 7 सदस्यों का समर्थन अनिवार्य था। लेकिन चर्चा और वोटिंग के दौरान प्रस्ताव के पक्ष में केवल 6 सदस्य ही मौजूद रहे। महज एक सदस्य की कमी के कारण यह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और वोटिंग प्रक्रिया

प्रखंड कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा दोपहर 12 बजे शुरू हुई। किसी भी संभावित हंगामे या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब एक घंटे तक चली लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बाद दोपहर 1 बजे अंतिम परिणाम घोषित किया गया। शांतिपूर्ण तरीके से प्रक्रिया संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।

"सच्चाई की जीत": नीलम देवी

कुर्सी बरकरार रहने की घोषणा होते ही नीलम देवी और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया। इस मौके पर नीलम देवी ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि सच्चाई और उनके समर्थकों के विश्वास की जीत है। उन्होंने उन सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने कठिन समय में उनके नेतृत्व में अपनी गहरी आस्था बनाए रखी।

अब विकास कार्यों पर रहेगा ध्यान

जीत के बाद प्रमुख नीलम देवी ने स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा ध्यान प्रखंड के रुके हुए विकास कार्यों को गति देने पर होगा। उन्होंने विरोधियों को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। इस परिणाम के बाद अब आगामी कार्यकाल के लिए नीलम देवी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

Report - Rajnish