Patna Traffic: पटना में ट्रैफिक का नया रूट प्लान लागू,बेली रोड पर कमर्शियल वाहनों की एंट्री बंद, बदला ऑटो-ई-रिक्शा का रास्ता

Patna Traffic: पटना में मेट्रो निर्माण के कारण लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव से निपटने के लिए यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।

पटना में ट्रैफिक का नया रूट प्लान लागू,- फोटो : Hiresh Kumar

Patna Traffic: पटना में मेट्रो निर्माण के कारण लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव से निपटने के लिए यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। आज से चिड़ियाघर गेट नंबर-1 से इनकम टैक्स गोलंबर तक व्यावसायिक वाहनों का परिचालन स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। प्रशासन का यह फैसला बेली रोड पर लगने वाले जाम को नियंत्रित करने और मेट्रो निर्माण के बीच यातायात को सुचारु रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

बेली रोड राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल है। मेट्रो निर्माण के चलते पहले से सड़क की उपलब्ध चौड़ाई प्रभावित है और वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने अब रूट डायवर्जन और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही पर रोक के जरिए जाम के ‘जंजाल’ को तोड़ने की कवायद शुरू की है।

पुनाईचक के पास भी बदलेगा ऑटो और ई-रिक्शा का रूट। अब ऑटो और ई-रिक्शा विश्वेश्वरैया भवन के पीछे वाली सड़क से गुजरेंगे। ये वाहन पुनाईचक रोड होते हुए अटल पथ की तरफ जाएंगे और फिर महेश नगर अंडरपास के रास्ते बोरिंग कैनाल रोड की ओर निकलेंगे। इससे बेली रोड के मुख्य हिस्से पर छोटे सार्वजनिक वाहनों का दबाव कम करने की कोशिश होगी।

फिलहाल बेली रोड पर तीन स्थानों पर मेट्रो निर्माण का काम चल रहा है। इनमें राजवंशी नगर हनुमान मंदिर के पास का इलाका सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है। यहां सुबह 9 से 11 बजे और शाम 5 से रात 8 बजे के बीच वाहनों का दबाव चरम पर पहुंच जाता है। पीक आवर में सड़क पर वाहन रेंगते नजर आते हैं और यात्रियों को काफी समय जाम में फंसकर गुजारना पड़ता है।

यातायात पुलिस के अनुसार चिड़ियाघर, हनुमान मंदिर, विकास भवन और नियोजन भवन के आसपास ऑटो, ई-रिक्शा और सिटी बसों की आवाजाही के कारण लगातार दबाव बना रहता है। नए ट्रैफिक प्लान का मकसद इन्हीं स्थानों पर वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करना है।बेली रोड के साथ बुद्ध मार्ग भी यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है। जीपीओ गोलंबर से कोतवाली थाना के बीच व्यावसायिक वाहनों की अधिक आवाजाही से सड़क पर दबाव बढ़ रहा है। मल्टी मॉडल हब से शहर और जिले के अलग-अलग हिस्सों के लिए बस सेवा शुरू होने के बाद इस इलाके में ट्रैफिक का भार और बढ़ गया है।

ट्रैफिक पुलिस अब बुद्ध मार्ग समेत प्रमुख सड़कों पर नो-पार्किंग अभियान भी चला रही है। कई स्थानों पर नो-पार्किंग के बोर्ड लगाए गए हैं और नियम तोड़कर सड़क किनारे वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि, वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण सिर्फ डायवर्जन और नो-पार्किंग कार्रवाई से जाम की समस्या पूरी तरह खत्म होगी या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को किसी तरह पटरी से उतरने से रोका जाए।