Patna Vigilance Trap: पान दुकान पर रिश्वत लेते पकड़ा गया क्लर्क, GPF क्लियर कराने के लिए मांगी थी घूस
दानापुर स्थित अवर प्रमंडल पशुपालन कार्यालय के लिपिक विजय कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने एक कर्मचारी के 6 लाख रुपये के जीपीएफ (GPF) भुगतान के एवज में घूस की मांग की थी।
पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने पशुपालन विभाग के एक लिपिक (क्लर्क) को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दानापुर स्थित अवर प्रमंडल पशुपालन कार्यालय में निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर तैनात विजय कुमार है। आरोपी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।
6 लाख के GPF भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
निगरानी विभाग के अनुसार, शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके सामान्य भविष्य निधि (GPF) के लगभग 6 लाख रुपये के बकाया भुगतान के एवज में आरोपी लिपिक द्वारा लगातार घूस की मांग की जा रही थी। पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने गुप्त रूप से मामले की जांच और सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया।
पान दुकान पर बिछाया जाल, रंगे हाथ दबोचा
शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी मुख्यालय की विशेष टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। रणनीति के तहत 8 अक्टूबर 2026 को पटना स्थित एक 'बुल्लू पान दुकान' के पास जैसे ही आरोपी विजय कुमार ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।
निगरानी थाने में केस दर्ज, घूसखोरों में हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद आरोपी लिपिक के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 118/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। निगरानी ब्यूरो की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों के खिलाफ आगे भी ऐसी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पटना से अनिल की रिपोर्ट