Bihar Fuel Price Hike: एक महीने में तीसरी बढ़ोतरी! पटना में पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, दाम बढ़ते ही मचा हाहाकार,आम जनता की जेब पर बढ़ा बोझ

Bihar Fuel Price Hike: बिहार में एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।...

पटना में पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा- फोटो : social Media

Bihar Fuel Price Hike: बिहार में एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार सुबह से लागू नई दरों ने पेट्रोल और डीजल दोनों को महंगा कर दिया है, जिससे वाहन चालकों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक हर वर्ग पर असर देखने को मिल रहा है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) द्वारा जारी नई कीमतों के अनुसार शहर के पेट्रोल पंपों पर सुबह छह बजे से संशोधित दरें लागू कर दी गईं।

नई दरों के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में करीब 96 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद राजधानी में पेट्रोल का दाम ₹110.47 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं डीजल की कीमत में भी 95 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है और अब यह ₹96.53 प्रति लीटर बिक रहा है। इस बढ़ोतरी के बाद आम जनता के दैनिक परिवहन खर्च में सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

प्रीमियम श्रेणी के एक्सपी-95 पेट्रोल की कीमत में भी इजाफा हुआ है। नई दरों के बाद इसका दाम ₹119.37 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जिससे हाई-एंड वाहनों के मालिकों की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों के मासिक बजट को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

शहर के वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बार-बार हो रही बढ़ोतरी से रोजमर्रा की जिंदगी महंगी होती जा रही है। किराए, माल ढुलाई और बाजार में उपलब्ध जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। व्यापारियों का मानना है कि ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ने से आने वाले दिनों में महंगाई और ज्यादा बढ़ सकती है।

यह कोई पहली बार नहीं है जब ईंधन दरों में बढ़ोतरी हुई हो। इस महीने यह तीसरी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा किया गया है। इससे पहले भी दो बार कीमतें बढ़ चुकी हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और तेल कंपनियों की लागत में वृद्धि इस बढ़ोतरी के प्रमुख कारण हैं। डीलरों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं, जिसका असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ रहा है।

नई दरें सुबह 6 बजे से लागू कर दी गई हैं। हालांकि अलग-अलग राज्यों में वैट और परिवहन शुल्क के कारण कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है, लेकिन कुल मिलाकर देशभर में ईंधन महंगा होने से महंगाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है और आने वाले दिनों में इसका असर बाजार से लेकर घर के बजट तक साफ दिखाई देने की आशंका है।