बिहार के 73 लाख किसानों को मिली सौगात: पीएम किसान की 22वीं किस्त जारी, खाते में आए 1467 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त के रूप में बिहार के 73.34 लाख किसानों के खातों में 1467 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने पटना में इसकी विस्तृत जानकारी साझा की।

Patna -  बिहार के कृषि मंत्री  राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को कृषि भवन, पटना के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा असम के गुवाहाटी से देश के 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को लगभग 18,650 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है।

बिहार के किसानों को मिली भारी मदद

कृषि मंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि 22वीं किस्त के माध्यम से बिहार के 73.34 लाख से अधिक किसानों को कुल 1467 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त होगी। यह राशि दिसंबर 2025 से मार्च 2026 की अवधि के लिए जारी की गई है। इस नई किस्त के साथ ही, बिहार के कुल 86.36 लाख लाभार्थियों को अब तक 21 किस्तों में कुल 30,092.80 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।

योजना का मुख्य उद्देश्य और स्वरूप

यह एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना है, जिसका शत-प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करती है। इसका मुख्य उद्देश्य पात्र रैय्यत किसान परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे फसलों के स्वास्थ्य और अच्छी उपज के लिए जरूरी खाद-बीज और अन्य कृषि उपादान खरीद सकें। यह योजना 1 दिसंबर 2018 से प्रभावी है और इसका लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनके पास खेती योग्य भूमि है।

पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया (DBT)

योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि साल में तीन बार, चार-चार महीने के अंतराल पर (अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च) सीधे किसानों के आधार और एनपीसीआई (NPCI) से लिंक बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।

किसे माना जाता है किसान परिवार?

मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि इस योजना के अंतर्गत 'किसान परिवार' का अर्थ पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चों से है। योजना का लाभ परिवार के कर्ता या मुखिया को दिया जाता है। इस वित्तीय सहायता का लक्ष्य किसानों की प्रत्याशित कृषि आय को सुनिश्चित करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।

Report - Vandana sharma