PMCH विवाद : स्वास्थ्य मंत्री निशांत का ऐलान - लेंगे बड़ा एक्शन, नर्सों-डॉक्टरों की तकरार से मरीज बेहाल
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने पीएमसीएच में नर्सों-डॉक्टरों की तकरार से बेहाल हुए मरीजों की स्थिति और अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर बड़ा बयान दिया है.
Nishant : राजधानी पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) में नर्सों और जूनियर डॉक्टरों के बीच हुए विवाद के बाद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बुधवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले के समाधान के लिए पीएमसीएच के अधीक्षक को बुलाया गया है और सभी पक्षों से विस्तृत चर्चा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोशिश की जा रही है कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हों तथा मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्या था मामला
दरअसल, पीएमसीएच में कार्यरत एक महिला नर्स के पति की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक पटना जिले के मोकामा निवासी थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने उचित उपचार नहीं किया जिस कारण उनकी मौत हो गई। नर्स के पति की मौत के बाद अन्य नर्सों का गुस्सा डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ फूटा और मंगलवार को पीएमसीएच में नर्सों ने कार्य बहिष्कार कर दिया था। करीब आठ घंटे तक चली इस हड़ताल के कारण इमरजेंसी सेवाओं के अलावा ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और कई अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
वहीं इस दौरान 52 निर्धारित सर्जरी भी टालनी पड़ीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने नर्सों से बातचीत की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद नर्सों ने अपना आंदोलन वापस लेते हुए काम पर लौटने का फैसला किया।
मरीजों को भारी परेशानी
हालांकि, नर्सों की हड़ताल के बाद पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। मंगलवार शाम से ओपीडी, जनरल वार्ड और ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं प्रभावित हो गईं। हालांकि, आपातकालीन सेवा, आईसीयू, लेबर रूम और इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं पहले की तरह जारी रखी गई हैं। पूरे विवाद की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सात सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के अनुसार समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
LNJP के डॉक्टरों पर कार्रवाई
इधर, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मंगलवार को लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर दो डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। डॉ. राकेश कुमार रोशन को ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार उन्हें दोपहर 2 बजे ड्यूटी पर उपस्थित होना था, लेकिन वे 3 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंचे।
वहीं, न्यूरो विभाग के डॉ. श्याम किशोर को भी शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि उन्होंने मरीज के प्रिस्क्रिप्शन में सरकारी अस्पताल की बजाय बाहर से जांच कराने की सलाह लिखी थी। स्वास्थ्य विभाग ने उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही और अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।