Bihar Politics: पूर्व सीएम से मिलने पहुंचे सीएम सम्राट, पटना की सियासी गलियों में हलचल तेज, नीतीश कुमार की ताबड़तोड़ मुलाकातों से बढ़ी अटकलें, साइलेंट मूवमेंट के क्या हैं मायने? पढ़िए
Bihar Politics:आज सुबह से ही असामान्य राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक के बाद एक अहम नेताओं से मुलाकात करते नजर आए।...
Bihar Politics: बिहार की सियासत में आज सुबह से ही असामान्य राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक के बाद एक अहम नेताओं से मुलाकात करते नजर आए। यह पूरा घटनाक्रम महज औपचारिक भेंट नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेतों से भरा एक सक्रिय दौर माना जा रहा है।पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास ७ सर्कुलर रोड बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहुंचे हैं। सम्राट चौधरी से नीतीश की बातचीत चल रहाी है।
इससे पूर्व सुबह 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास से निकलकर नीतीश कुमार सीधे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 10 मिनट की संक्षिप्त मुलाकात की। इसके बाद वे बिना देर किए सीएम आवास एक अणे मार्ग पहुंचे, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई।
इसके बाद नीतीश कुमार पूर्व मंत्री अशोक चौधरी के आवास भी पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। इस मुलाकात को भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से संकेतात्मक मानी जा रही है।
इसके बाद नीतीश कुमार वापस अपने 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास लौट आए, जहां पहले से ही डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी मौजूद थे और दोनों के बीच बातचीत जारी रही। लगातार हो रही इन मुलाकातों ने पटना के सियासी गलियारों में तरह-तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।
वहीं
बता दें यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब निशांत कुमार कल से अपनी सद्भाव यात्रा पर निकलने वाले हैं। उनके राजनीतिक मैदान में सक्रिय होने से पहले इस तरह की तेज राजनीतिक गतिविधियों ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकातें महज औपचारिक नहीं, बल्कि संगठनात्मक और रणनीतिक स्तर पर किसी बड़े संदेश की ओर इशारा कर रही हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे सामान्य संवाद बताया जा रहा है, लेकिन समय और क्रम दोनों इसे विशेष बना रहे हैं।
कुल मिलाकर, पटना में सत्ता और संगठन के बीच चल रही यह तेज़ हलचल आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की भूमिका तय कर सकती है।
रिपोर्ट- नरोत्तम कुमार सिंह