Bihar News : अमर शहीद रामफल मंडल की स्मृति में डाक टिकट हुआ जारी, पटना के तारामंडल में हुआ भव्य विमोचन

Bihar News : भारत के स्वाधीनता संग्राम में इतिहास रचने वाले रामफल मंडल की स्मृति में भारत सरकार के संचार मंत्रालय द्वारा एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया गया।

डाक टिकट जारी - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : भारत के स्वाधीनता संग्राम में अपने अदम्य साहस और बलिदान से इतिहास रचने वाले अमर शहीद रामफल मंडल की स्मृति में भारत सरकार के संचार मंत्रालय द्वारा रविवार को एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया गया। सीतामढ़ी की पावन धरती से अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंकने वाले इस महान स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान में राजधानी पटना स्थित तारामंडल सभागार में एक गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया।

महात्मा फुले समता परिषद, बिहार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने शहीद रामफल मंडल के बलिदान को रेखांकित किया और कहा कि ऐसे अमर सेनानियों की बदौलत ही देश को आजादी की खुली हवा में सांस लेने का अवसर मिला। इस अवसर पर विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की मंत्री शीला मंडल ने अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद शामिल हुए। वहीं, विशिष्ट अतिथियों में बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, डाक विभाग (बिहार सर्किल) की मुख्य पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी कुजूर तथा बाजपट्टी विधायक रामेश्वर कुमार महतो उपस्थित रहे। सभी गणमान्य वक्ताओं ने शहीद रामफल मंडल के त्याग, राष्ट्रभक्ति और आजादी के आंदोलन में उनके अद्वितीय योगदान को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

समारोह में शहीद रामफल मंडल के परिजनों ने भी गर्व और भावुकता के साथ सहभागिता निभाई। इस ऐतिहासिक मौके पर शहीद के संघर्षमय जीवन और बलिदान गाथा पर आधारित एक वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का प्रदर्शन किया गया, जिसने सभागार में उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही उनके संपूर्ण जीवनवृत्त और स्वाधीनता संग्राम में उनकी भूमिका पर केंद्रित एक विशेष पुस्तक का भी लोकार्पण किया गया। वक्ताओं ने डाक विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डाक टिकट जारी होने से अमर शहीद रामफल मंडल का नाम और उनका बलिदान देश-दुनिया के हर कोने तक पहुंचेगा। यह पहल न केवल बिहार के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देती है, बल्कि युवाओं में राष्ट्र सेवा और देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करने का कार्य करेगी।