पटना-गया रेलखंड के जट डुमरी के पास रेलवे ट्रैक तक पहुंचा पुनपुन का पानी, डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बंद
पटना में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है।पटना-गया रेलखंड पर बाढ़ का गंभीर असर देखने को मिल रहा है। इस रेल खंड पर बाढ़ का पानी जट डुमरी के पास स्थित रेलवे पुल संख्या 21 तक पहुंच गया है। रेलवे प्रशासन ने एहतियातन कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है....
Patna : पटना-गया रेलखंड पर बाढ़ का गंभीर असर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बारिश और नदियों में उफान के कारण पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे बाढ़ का पानी जट डुमरी के पास स्थित रेलवे पुल संख्या 21 तक पहुंच गया है। रेल पटरियों के समीप पानी के बढ़ते दबाव और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया है।
सुरक्षा के मद्देनजर चार मेमू ट्रेनें रद्द, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
रेलवे ट्रैक के पास पानी आने के कारण इस रूट पर चलने वाली चार महत्वपूर्ण मेमू (MEMU) ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। रद्द की गई ट्रेनों में ट्रेन संख्या 63242 (गया-पटना मेमू), ट्रेन संख्या 63244 (गया-पटना मेमू), ट्रेन संख्या 63245 (पटना-गया मेमू) और ट्रेन संख्या 63247 (पटना-गया मेमू) शामिल हैं। अचानक ट्रेनों के परिचालन रद्द होने से इस मार्ग पर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कई ट्रेनें 3 से 4 घंटे की देरी से संचालित, स्टेशनों पर बढ़ी भीड़
डाउन लाइन बंद होने और सतर्कता के साथ ट्रेनों को चलाए जाने के कारण केवल मेमू ट्रेनें ही प्रभावित नहीं हुई हैं, बल्कि इस रूट से गुजरने वाली कई अन्य ट्रेनें भी घंटों विलंब से चल रही हैं। जानकारी के अनुसार, कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 4 घंटे की देरी से चल रही हैं। इस वजह से पटना, गया और बीच के अन्य छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ लगी हुई है।
जलस्तर सामान्य होने और जांच के बाद ही बहाल होगी रेल सेवा: ECR CPRO
पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने इस स्थिति के संबंध में आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की पहली प्राथमिकता है। पुनपुन नदी का जलस्तर सामान्य होने और रेलवे की तकनीकी टीम द्वारा ट्रैक को पूरी तरह जांच कर सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही प्रभावित हिस्से पर रेल परिचालन दोबारा सुचारू रूप से बहाल किया जाएगा।
रेलवे की टीम कर रही लगातार निगरानी, स्थिति पर रखी जा रही नजर
फिलहाल रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियरिंग विभाग की टीम जट डुमरी स्थित पुल संख्या 21 तथा आसपास के ट्रैक की लगातार निगरानी कर रहे हैं। पानी के बहाव और पटरियों की मजबूती पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है ताकि जलस्तर कम होते ही आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी कर यातायात को फिर से सामान्य बनाया जा सके। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्टेशन आने से पहले ट्रेन की समय-सारणी अवश्य जांच लें।
रंजन की रिपोर्ट