पटना में विधि-व्यवस्था के लिए QRT का गठन: सिटी एसपी वेस्ट ने मॉक ड्रिल कराकर जवानों की तैयारियों को परखा

राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण दल (QRT) का गठन किया गया है। पटना पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस QRT के सक्रिय होने से शहर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी....

मॉक ड्रिल के जरिए परखी गई QRT के जवानों की कार्यकुशलता- फोटो : अनिल कुमार

Patna :  राजधानी में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण दल (QRT) का गठन किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (केंद्रीय क्षेत्र, पटना) और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित इस विशेष टीम की तैयारियों का मंगलवार (18 अगस्त 2026) को नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) द्वारा जायजा लिया गया।


सिटी एसपी वेस्ट ने लिया दंगा नियंत्रण दल का जायजा 

निरीक्षण के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) ने QRT के जवानों की शारीरिक व मानसिक तैयारी, सुरक्षा संसाधनों, संचार तंत्र और आपातकालीन तैनाती से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहराई से आकलन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद उपकरणों और त्वरित प्रतिक्रिया से जुड़े संसाधनों की जांच भी की।


मॉक ड्रिल के जरिए परखी गई जवानों की कार्यकुशलता

निरीक्षण के क्रम में QRT के जवानों के साथ एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान भीड़ नियंत्रण, अचानक उत्पन्न होने वाली संवेदनशील स्थितियों में त्वरित कार्रवाई, विभिन्न टीमों के बीच आपसी समन्वय और आवश्यकता पड़ने पर 'न्यूनतम बल' के सही प्रयोग का व्यवहारिक अभ्यास कराया गया।


सतर्कता और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश 

सिटी एसपी (वेस्ट) ने जवानों को संबोधित करते हुए हर परिस्थिति में मुस्तैद रहने और उच्च स्तर का अनुशासन बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलते ही टीम को बिना समय गंवाए समन्वित तरीके से कार्रवाई करनी होगी।


आपात स्थिति से निपटने के लिए पटना पुलिस पूरी तरह तैयार 

पटना पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस दंगा नियंत्रण दल (QRT) के सक्रिय होने से शहर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित उपद्रव या आपात स्थिति में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विधि-व्यवस्था को बनाए रखना है।


अनिल की रिपोर्ट