विधानपरिषद सीटों पर परिणाम आते ही जदयू के शीर्ष नेतृत्व पर उठने लगे सवाल!

पटना: बिहार में हाल में संपन्न हुए सभी 8 विधानपरिषद का परिणाम आ चुका है। एनडीए गठबंधन ने 8 में 5 सीटें जीत ली है। आरजेडी ने भी एक सीट भाजपा गठबंधन से छीन ली है। साथ ही बांकीपुर विधानसभा चुनाव जीतने के बाद जनसुराज का रथ आगे बढ़ रहा है। एक विधानपरिषद

Bihar MLC Elction Result- फोटो : News4nation

Bihar MLC Election Result: बिहार में हाल में संपन्न हुए सभी 8 विधानपरिषद का परिणाम आ चुका है। एनडीए गठबंधन ने 8 में 5 सीटें जीत ली है। आरजेडी ने भी एक सीट भाजपा गठबंधन से छीन ली है। साथ ही बांकीपुर विधानसभा चुनाव जीतने के बाद जनसुराज का रथ आगे बढ़ रहा है। एक विधानपरिषद की एक सीट पी.के की पार्टी ने भी जीत ली है। साथ ही पार्टी का बढ़ता ग्राफ साफ दिखने लगा है। दो सीट पर निर्दलीय चुनाव जीतने में कामयाब रहे है। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल जद यू के अंदर मचल रहे तूफान को लेकर है।


 फिलहाल जद यू में कहा जाए तो संजय झा, ललन सिंह और निशांत ही पार्टी के लिए शीर्ष नेतृत्व हैं। आज इसी तिकड़ी को राजनीतिक भाषा में आलाकमान माना जाता है। अब सवाल इसी तिकड़ी पर है। विधानपरिषद की आठ में से जद यू मात्र एक सीट जीत पाई पटना स्नातक सीट के एमएलसी नीरज कुमार (जद यू) ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से आशीर्वाद लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने ललन सिंह को नकारते हुए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के प्रति अपनी निष्ठा जताई है। नीरज कुमार ने नीतीश कुमार के पुत्र और सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के प्रति अपनी आस्था भी व्यक्त की है। 


लंबे अर्से तक पार्टी में नंबर दो की भूमिका में रहे नीतीश कुमार के मित्र और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की स्थिति को नकार दिया है। गौरतलब है कि ऐसा माना जा रहा है कि ललन सिंह के शह पर ही मोकामा के विधायन अनंत सिंह नीरज कुमार का खुलेआम विरोध कर रहे थे। हालांकि चुनाव परिणाम आने के पहले ही जदयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। साथ ही उनकी विधायकी समाप्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। तीन शीर्ष नेतृत्व में से एक ललन सिंह के खिलाफ सार्वजनिक रूप से दिया गया नीरज कुमार का बयान पार्टी के अंदर ऑल इस वेल पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। 

 

वहीं पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेता संजय झा की कार्यशैली पर पर भी परोक्ष रूप से सवाल खड़ा कर रहे हैं। बिक्रम कुमार सिंह उर्फ बोंडिल सिह ने फेसबुक पर संजय झा की कार्यशैली पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी (भाजपा) के भीतरघात के कारण जद यू को दो सीटों का नुकसान हुआ है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ भाजपा के प्रति निष्ठा रखने वाले एक विधानपार्षद ने खुल्लमखुल्ला काम किया। वहीं दरभंगा शिक्षक क्षेत्र में भी भाजपा की कार्यशैली के कारण जदयू उम्मीदवार चुनाव हार गये। यहां पर जनसुराज के उम्मीदवार को जीत मिली है। ये पहले भाजपा के नेता थे और चुनाव में टिकट नहीं मिलने की वजह से जनसुराज की उम्मीदवारी कर ली। 


साथ ही पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के चहेते उम्मीदवार और उनके गृहक्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार की दयनीय स्थिति पर भी सवाल खड़ा किया है। गौरतलब है कि बौंडिल सिंह पूर्व में पार्टी के प्रदेश सचिव रह चुके हैं। साथ ही इन्होंने अनेकों विधानसभा के भी प्रभारी भी रह चुके हैं। गठबंधन के साथी दल से मिले धोखा पर पार्टी के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता सुलग रहे हैं। इनकी चिंता पार्टी के शीर्ष नृत्व की चुप्पी को लेकर है।