राबड़ी देवी के 'बंगला नहीं खाली करने' के बयान पर सियासत गर्म, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने किया तीखा पलटवार

Bihar Politics : पूर्व सीएम राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्म है। एक ओर जहां राबड़ी देवी इस बंगले को किसी हाल में खाली नही करने का एलान कीं है। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है उन्हें हर हाल मे यह आवास खाली करना होगा....

राबड़ी देवी के बयान पर संजय सरावगी का तीखा पलटवार- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा सरकारी बंगला खाली न करने को लेकर दिए गए बयान पर बिहार की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि राबड़ी देवी को यह नहीं भूलना चाहिए कि देश में लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राबड़ी देवी सरकारी संपत्ति को अपनी निजी जागीर समझने की भूल न करें। सरकार के नियमों के मुताबिक जो आवास उन्हें आवंटित हुआ है, उन्हें वहां जाना ही पड़ेगा।


महादलित समाज के मंत्री के अधिकार पर उठाया सवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस पूरे मामले को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बंगला अब महादलित समाज से आने वाले सरकार के एक मंत्री को आवंटित हुआ है। संजय सरावगी ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या महादलित समाज से आने वाले किसी मंत्री को बड़े सरकारी बंगले में रहने का अधिकार नहीं है? उन्होंने आरोप लगाया कि बंगला खाली करने से इनकार करना सीधे तौर पर एक दलित समाज के प्रतिनिधि के हक को मारने जैसा है।


राबड़ी देवी के बयान में झलक रहा है राजशाही का अहंकार

संजय सरावगी ने राबड़ी देवी के रुख की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि हर हाल में उन्हें यह सरकारी बंगला खाली करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि "मैं बंगला खाली नहीं करूंगी" जैसा बयान उनके भीतर छिपे अहंकार और राजशाही मानसिकता को साफ झलकाता है। आज के दौर में इस तरह की हठधर्मिता के लिए कोई जगह नहीं है और कानून के सामने हर नागरिक बराबर है, चाहे वह किसी भी राजनीतिक रसूख का क्यों न हो।


राजा-रजवाड़ों का समय बीत चुका, अब सरकार का नियम चलेगा

आरजेडी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा कि अब राजा-रजवाड़ों का समय बीत चुका है, जहां राजा जो बोलता था वही कानून बन जाता था। आज के समय में सरकार और संविधान के नियमों के अनुसार व्यवस्था चलती है, किसी व्यक्ति विशेष की मर्जी से नहीं। उन्होंने साफ किया कि नीतीश-भाजपा सरकार में किसी भी प्रकार के अहंकार या वीआईपी कल्चर के घमंड के लिए कोई स्थान नहीं है और नियमों का पालन सबको करना होगा।


बयान के बाद बिहार में सियासी बयानबाजी तेज

इस मामले में संजय सरावगी के कड़े रुख और आधिकारिक बयान (बाइट) के बाद बिहार के राजनीतिक हलकों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। सत्ता पक्ष जहां इसे सरकारी नियमों के अनुपालन और दलित समाज के सम्मान से जोड़कर देख रहा है, वहीं मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से भी इस पर पलटवार की तैयारी की जा रही है। आने वाले दिनों में बंगले की इस लड़ाई को लेकर सूबे की सियासत और भी गरमाने के आसार हैं।


नरोत्तम की रिपोर्ट