10 सर्कुलर रोड पुलिस छावनी में तब्दील, राबड़ी देवी को आवास से निकालने सीएम सम्राट ने उतार दी फोर्स

Rabri residence- फोटो : news4nation

Rabri residence:  पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को शनिवार को देखते ही देखते पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी भारी पुलिस बल के साथ पहुंची और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी। दरअसल, बिहार सरकार और राबड़ी देवी के बीच सरकारी बंगला खाली कराने को लेकर टकराव खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को तीसरी बार नोटिस जारी कर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। इसके अगले ही दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने मामले को और गरमा दिया।


इससे पहले राजधानी पटना पहुंचते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा था, “10 सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी चाहें तो फोर्स भेजकर खाली करा लें।” अब उनके बयान के कुछ घंटों बाद ही आवास पर भारी पुलिस बल की तैनाती को राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।


भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह बंगला अब बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है। सरकार ने राबड़ी देवी को वैकल्पिक आवास के तौर पर 39 हार्डिंग रोड स्थित बंगला पहले ही आवंटित कर दिया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद यह नया आवास उन्हें दिया गया था, लेकिन अब तक उन्होंने 10 सर्कुलर रोड खाली नहीं किया है।


राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बंगला सिर्फ सरकारी आवास नहीं, बल्कि उनके परिवार की राजनीतिक और भावनात्मक पहचान का हिस्सा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं, अगर हिम्मत है तो फोर्स भेजकर आवास खाली करवा लें।”


राजनीतिक जानकारों की मानें तो 10 सर्कुलर रोड राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राजनीति का प्रतीक माना जाता रहा है। लंबे समय तक यही बंगला लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा। पिछले करीब 20 वर्षों से लालू परिवार इसी परिसर में रह रहा है। बड़ा परिसर और राजनीतिक पहचान होने के कारण अब यह मामला सिर्फ सरकारी आवास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे लालू परिवार की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है।


वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकारी आवास नियमों के तहत आवंटित किए जाते हैं और पूर्व मुख्यमंत्री को वैकल्पिक बंगला मिलने के बाद पुराने आवास को खाली करना अनिवार्य है। भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगर नोटिस के बाद भी आवास खाली नहीं किया गया तो आगे कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। राबड़ी आवास पर बढ़ी पुलिस गतिविधि के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है और क्या वाकई प्रशासन बलपूर्वक बंगला खाली कराने की कार्रवाई करेगा।