सहकारिता जगत के 'भीष्म पितामह' राजकिशोर प्रसाद को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, पटना में उमड़ा दिग्गजों का हुजूम

पटना में स्वर्गीय राजकिशोर प्रसाद की याद में शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए ।

Patna - राजधानी पटना स्थित बिहार राज्य कोऑपरेटिव फेडरेशन के सभागार में आज एक विशेष शोक सभा का आयोजन किया गया । यह सभा पाटलिपुत्र सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष और लब्ध प्रतिष्ठित सहकारिता नेता स्वर्गीय राजकिशोर प्रसाद जी के निधन के उपरांत उनकी स्मृति में आयोजित की गई थी । फेडरेशन के अध्यक्ष श्री विनय शाही की अध्यक्षता में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा का कुशल संचालन श्री सुधीर कुमार शर्मा ने किया 

मंत्री और विधायकों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन


दिवंगत नेता को नमन करने के लिए सहकारिता और सामाजिक क्षेत्र के कई विशिष्ट चेहरे एक मंच पर नजर आए। शोक सभा में मुख्य रूप से बिहार के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और विधायक श्री संजीव चौरसिया ने भाग लिया। पूर्व सांसद विजय कुमार मिश्रा और विधान पार्षद सह हाउसिंग फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष  विजय सिंह उपस्थित रहे । पूर्व विधायक  रामजन्म शर्मा, बिहार सहकारिता बैंक के अध्यक्ष  रमेश चंद्र चौबे और बिस्कोमान के उपाध्यक्ष महेश राय ने भी पुष्पांजलि अर्पित की । इसके अलावा मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र, भागलपुर, मधुबनी और मुंगेर जैसे विभिन्न कोऑपरेटिव बैंकों के अध्यक्षों सहित कई भाजपा नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई 

वक्ताओं ने कहा: सहकारिता के लिए समर्पित था पूरा जीवन

शोक सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने राजकिशोर बाबू के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनका निधन सहकारिता क्षेत्र के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है । वक्ताओं के अनुसार, राजकिशोर बाबू का पूरा जीवन सहकारिता को समर्पित था और उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में अपनी छवि पर कभी कोई दाग नहीं लगने दिया । यही कारण था कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद सभी बड़े नेता उनका हृदय से सम्मान करते थे 

सहकारिता को मजबूत करना ही होगी सच्ची श्रद्धांजलि

सभा के दौरान यह संकल्प लिया गया कि बिहार में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाना ही स्वर्गीय राजकिशोर प्रसाद जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी । वक्ताओं ने उनके द्वारा दिखाए गए ईमानदारी और समर्पण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया