Bihar News: रिटायरमेंट के बाद खुली फाइल, पूर्व SDPO पर चलेगी विभागीय कार्रवाई, जांच में लापरवाही के आरोप

Bihar News: कटिहार जिले के बारसोई के पूर्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) और सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रेमनाथ राम की मुश्किलें रिटायरमेंट के बाद बढ़ गई हैं। ...

पूर्व SDPO पर चलेगी विभागीय कार्रवाई- फोटो : reporter

Bihar News: कटिहार जिले के बारसोई के पूर्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) और सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रेमनाथ राम की मुश्किलें रिटायरमेंट के बाद बढ़ गई हैं। बिहार सरकार के गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित करने का फैसला लिया है। मामला उनके कार्यकाल के दौरान कथित लापरवाही और जांच में बरती गई अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है।

गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, प्रेमनाथ राम जब बारसोई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के पद पर तैनात थे, उसी दौरान उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बाद में उनका तबादला बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, कटिहार में भी किया गया था। अब सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही जारी रहेगी।

विभागीय दस्तावेज के मुताबिक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बारसोई सम नियंत्रण एवं अपील नियमावली-2005 के तहत संकल्प संख्या 15687, दिनांक 24 दिसंबर 2025 द्वारा अनुशासनिक कार्यवाही संचालित की गई है। यानी रिटायरमेंट के बाद मामला खत्म नहीं हुआ, बल्कि सेवा अवधि के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रखी है।

विभागीय कार्रवाई में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के तौर पर पहले मृदुलता, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), कटिहार को जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन उनके मातृत्व अवकाश पर चले जाने के बाद विभाग ने इस जिम्मेदारी में बदलाव करने का निर्णय लिया है।

गृह विभाग ने अब सद्दाम हुसैन, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), कटिहार को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वे प्रेमनाथ राम, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बारसोई एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे।

विभाग ने संकल्प की प्रति महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त, मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना-सह-संचालन पदाधिकारी तथा प्रेमनाथ राम को सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजने का निर्देश दिया है।सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवा अवधि में किए गए गंभीर कृत्य या कथित अनियमितताओं को लेकर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इसी प्रावधान के तहत प्रेमनाथ राम के मामले में कार्रवाई आगे बढ़ रही है।मामले ने पुलिस महकमे में भी सवाल खड़े किए हैं कि आखिर उनके कार्यकाल में ऐसी कौन-कौन सी कथित लापरवाही सामने आई, जिसकी वजह से रिटायरमेंट के बाद भी विभाग ने फाइल बंद करने के बजाय उसे आगे बढ़ाया। फिलहाल विभागीय कार्यवाही के नतीजे का इंतजार है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूर्व डीएसपी पर लगाए गए आरोपों में विभागीय जांच में क्या निष्कर्ष सामने आता है।

रंजीत कुमार