नीतीश ने RSS को आधार दिया, अब भाजपा ने उन्हें बेदखल किया, BJP शासन में अल्पसंख्यकों को होगा नुकसान - अली अशरफ
पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने नीतीश कुमार पर भाजपा-आरएसएस को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। जानें 11 अप्रैल को पटना में होने वाले तेजस्वी यादव के 'इस्तकबालिया' समारोह और राजद की नई रणनीति के बारे में।
Patna - राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपनी सत्ता और स्वार्थ की राजनीति के लिए बिहार में भाजपा और आरएसएस के विचारों को आधार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस भाजपा को नीतीश ने पैर पसारने की जगह दी, उसी ने अब उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया है। फातमी ने दावा किया कि भाजपा अब अपने नेतृत्व में सरकार बनाने की फिराक में है, जो न तो बिहार के हित में है और न ही अल्पसंख्यकों के।
11 अप्रैल को पटना में तेजस्वी यादव का भव्य अभिनंदन
पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए फातमी ने बताया कि 11 अप्रैल 2026 को पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव का 'इस्तकबालिया' (अभिनंदन) समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्य भर से अल्पसंख्यक समाज के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह समारोह तेजस्वी यादव के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद अल्पसंख्यक समाज द्वारा उनके प्रति विश्वास और सम्मान प्रकट करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
मुसलमानों की नौकरियों में गिरावट पर उठाए सवाल
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए नीतीश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की हिस्सेदारी 8% तक थी, जो एनडीए और नीतीश कुमार के कार्यकाल में घटकर महज 6% रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ मिलकर अल्पसंख्यकों के हक और अधिकारों को कमजोर किया है, जिसके कारण आज समाज में असुरक्षा और बेचैनी का माहौल है।
'लालू के विचारों और तेजस्वी के काम पर अकलियतों को भरोसा'
फातमी ने जोर देकर कहा कि लालू प्रसाद ने कभी भी अपने राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक शक्तियों से समझौता नहीं किया। उनके इसी वैचारिक मार्ग पर चलते हुए तेजस्वी यादव ने अपने 17 महीने के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों के लिए जो कार्य किए हैं, उससे राजद के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दौरे के दौरान उन्होंने पाया कि युवाओं और अल्पसंख्यकों में तेजस्वी जी के प्रति गहरा 'एत्माद' (भरोसा) और आकर्षण है।
11 अप्रैल को राजद घोषित करेगी अपनी नई रणनीति
संवाददाता सम्मेलन में यह स्पष्ट किया गया कि 11 अप्रैल का कार्यक्रम केवल एक अभिनंदन समारोह नहीं होगा, बल्कि यहाँ राजद अल्पसंख्यकों के हक, अधिकार और उन्हें न्याय दिलाने के लिए अपनी भावी रणनीति की घोषणा भी करेगी। राजद नेताओं का मानना है कि अल्पसंख्यक समाज पूरी तरह से पार्टी के साथ एकजुट है और आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।
पार्टी के भीतर 'धोखे' पर कड़ा रुख
राज्यसभा चुनाव के दौरान एक अल्पसंख्यक विधायक द्वारा पार्टी को दिए गए धोखे पर फातमी ने स्पष्ट किया कि वह एक व्यक्ति की गलती थी, न कि पूरे समाज की। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को अपने स्तर पर देख रही है और गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान भोला यादव, डॉ. अनवर आलम और एजाज अहमद जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं से भारी संख्या में पटना पहुँचने की अपील की।
Report - Ranjan kumar