घूसखोर पंचायत सचिव पर निगरानी का वज्रपात: मानदेय के बदले मांग रहा था 'कमीशन', ₹12,000 लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने पंचायत सचिव ऋतुराज पंडित को ₹12,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी सचिव ठोरसन पंचायत के एक वार्ड अनुरक्षक से उसके लंबित मानदेय के भुगतान के एवज में कमीशन की मांग कर रहा था
Patna/Sasaram - रोहतास जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है । ब्यूरो ने ठोरसन पंचायत के पंचायत सचिव ऋतुराज पंडित को ₹12,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है । यह कार्रवाई पटना से आई मुख्यालय की टीम द्वारा गुरुवार को करगहर अंचल क्षेत्र में अंजाम दी गई ।
मानदेय भुगतान के नाम पर वसूली
यह मामला ठोरसन पंचायत के वार्ड नंबर 15 में अनुरक्षक के रूप में कार्यरत धर्मेंद्र कुमार पटेल से जुड़ा है । परिवादी धर्मेंद्र कुमार का आरोप था कि उनके एक वर्ष (अप्रैल 2022 से अप्रैल 2023 तक) के लंबित मानदेय, जो कुल ₹24,000 था, के भुगतान के बदले पंचायत सचिव ऋतुराज पंडित द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी । भ्रष्टाचार की इस मांग से परेशान होकर पीड़ित ने निगरानी ब्यूरो के पटना कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी ।
निगरानी का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें घूस मांगे जाने की पुष्टि हुई । इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती रीता सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया । टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी पंचायत सचिव ने सिढ़ी गाँव के समीप ठोरसन मोड़ के पास आम के पेड़ के नीचे रिश्वत की राशि स्वीकार की, उसे रंगे हाथों दबोच लिया गया ।
2026 में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध दर्ज किया गया यह 24वां मामला है । ट्रैप ऑपरेशंस की बात करें तो यह इस साल का 22वां कांड है, जिसके तहत अब तक कुल 18 लोक सेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथों जेल भेजा जा चुका है । ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो वे तुरंत विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें ।
Report - anil kumar/ रंजन कुमार