Bihar News : गया में कामकाजी महिलाओं के लिए 'सखी निवास' की हुई शुरूआत, मात्र 3000 में मिलेगी रहने की सुविधा, सचिव ने किया उद्घाटन

Bihar News : गयाजी में अपने घरों से दूर रहकर नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। गुरुवार को गयाजी में "आकांक्षा–सह–सखी निवास" छात्रावास का विधिवत शुभारंभ किया गया।

महिलाओं को सुविधा - फोटो : MANOJ

PATNA : गयाजी में कामकाजी महिलाओं के लिए गुरुवार को "आकांक्षा–सह–सखी निवास" छात्रावास का शुभारंभ किया गया। मुजफ्फरपुर, पटना, गयाजी के बाद अब जल्द दरभंगा और भागलपुर में भी छात्रावास खोलने की योजना है। समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में महिला बाल विकास निगम के तहत संचालित इस छात्रावास में 50 महिलाओं के रहने की समुचित व्यवस्था की गई है। यहां अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया समेत अन्य आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति की गई है। विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने पटना से वर्चुअल माध्यम से छात्रावास का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान गया में स्थानीय टीम एवं पदाधिकारी स्थल पर उपस्थित रहे और कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित की। यह छात्रावास राज्य सरकार की “मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना” एवं केंद्र सरकार की “मिशन शक्ति योजना” के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं किफायती आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है।

महिलाओं को सुविधा

इस मौके पर सचिव ने कहा कि कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में बढ़ती सहभागिता को दृष्टिगत रखते हुए कार्यस्थल के निकट सुरक्षित एवं सुलभ आवास की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में इस छात्रावास की स्थापना की गई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल है। छात्रावास में कुल 50 कामकाजी महिलाओं के आवास की व्यवस्था की गई है। यहां सुरक्षित आवास के साथ-साथ भोजन की सुविधा भी मात्र 3 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगी, जो अपने गृह जिले से बाहर रहकर रोजगार प्राप्त कर रही हैं।

यहाँ पहले से सुविधा

उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास निगम एवं समाज कल्याण विभाग के स्तर से पूर्व से ही पटना एवं मुजफ्फरपुर में इस तरह के छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। गयाजी में छात्रावास की स्थापना महत्वपूर्ण विस्तार है। इसका लाभ लेने वाली महिला की मासिक आय अधिकतम 75 हजार रुपये होनी चाहिए। यह महिला एवं बाल विकास निगम की देख-रेख में संचालन होगा, ताकि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक माहौल मिल सके। छात्रावास में बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे सीसीटीवी, बिजली, शुद्ध पेयजल के लिए आर.ओ, मनोरंजन के लिए टीवी, मुफ्त वाई-फाई आदि की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। उद्घाटन के अवसर पर गयाजी में उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह छात्रावास महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित करेगा।

ऑनलाईन आवेदन के बाद होगा चयन

इच्छुक महिलाएं निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकती है। इसमें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवासन की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया होगी, जिसके आधार पर चयन किया जाएगा। पात्र महिला को जिले में कार्यरत होने से संबंधित दस्तावेज, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का पूर्ण विवरण, दिव्यंगता की स्तिथि में संबंधित प्रमाणपत्र आदि देना अनिवार्य होगा।