विजय सिन्हा के एक और विश्वासपात्र 'आउट'! राजस्व विभाग में क्रांतिक्रारी परिवर्तन लाने वाले आईएएस को हटाया

पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की गिरफ्तारी हो या राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में क्रांतिक्रारी परिवर्तन आईएएस सीके अनिल हमेशा अपनी सख्त कार्यशैली और ईमानदारी के लिए जाने गए जिनका तबादला हुआ है.

IAS CK Anil transferred- फोटो : news4nation

IAS Transfer in Bihar : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में प्रधान सचिव 1991 बैच के आईएएस सीके अनिल कुमार का मंगलवार को तबादला कर दिया. दरअसल, पूर्ववर्ती नीतीश सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रहते बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जो क्रांतिक्रारी बदलाव लाए उसमें दूसरे छोर पर सबसे मजबूत स्तंभ आईएएस सीके अनिल को माना गया है. वे अपनी सख्त कार्यशैली और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में अब सीके अनिल का अचानक से तबादला कई सवाल भी छोड़ रहा है. 


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को नई जिम्मेदारी सौंपी है।  सीके अनिल कुमार (भा.प्र.से. 1991), जो वर्तमान में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे, उन्हें स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक बिहार राज्य योजना पर्षद, पटना में सदस्य के पद पर पदस्थापित किया गया है। अधिसूचना के मुताबिक, जय सिंह (भा.प्र.से. 2007), जो वर्तमान में सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार में वित्त विभाग में भी कार्यरत हैं, वे तत्काल प्रभाव से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का संपूर्ण प्रभार संभालेंगे।  


विजय सिन्हा से रहा बेहतर सामंजस्य

विजय सिन्हा ने जब राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के रूप में कार्य शुरू किया तब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती भूमि सर्वेक्षण का काम रहा. भूमि सर्वेक्षण को प्रभावी रूप से और आम लोगों को बिना किसी परेशानी के काम हो इसके लिये विजय सिन्हा ने भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसनी शुरू की. विभाग में सीओ, आरओ सहित अन्य अधिकारियों और कर्मियों से जुडी शिकायतों को लेकर वे काफी सख्त रहे. विभाग में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और विभाग को पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए, जिनमें सबसे प्रमुख निर्णय 224 राजस्व कर्मचारियों (Revenue Staff) को निलंबित (Suspend) करना था. 


उन्होंने भूमि राजस्व (लगान) की ऑफलाइन रसीद काटने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया और इसे आपराधिक कृत्य घोषित किया. उन्होंने निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन हो. उन्होंने सीओ   और आरओ को सीधे चेतावनी दी कि काम में लापरवाही या भू-माफियाओं से मिलीभगत पाए जाने पर बर्खास्तगी या निलंबन की कार्रवाई होगी. विजय सिन्हा के मंत्री रहते लिए गए इन सख्त फैसलों के पीछे आईएएस सीके अनिल की अहम भूमिका मानी गई. 


विजय सिन्हा का बदला फैसला 

इस बीच जैसे ही बिहार में सरकार बदली और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने एक बड़े फैसले के तहत विजय सिन्हा द्वारा निलंबित किए गए 224 राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को बाद में नई सरकार (सम्राट चौधरी) ने रद्द कर दिया. अब सीके अनिल का तबादला कर दिया है. ऐसे में जिस अधिकारी को  विभाग में क्रांतिक्रारी बदलाव का नायक माना गया उनका ट्रांसफर चर्चा के केंद्र में बन गया है. 


सीके अनिल ने कराया था शहाबुद्दीन को गिरफ्तार

सीके अनिल जब सीवान के डीएम थे उस समय उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राजद के बाहुबली नेता और सांसद रहे  शहाबुद्दीन की गिरफ्तारी थी. दो सगे भाइयों को तेजाब से नहालकर मौत के घाट उतारने वाले राजद के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन प्रतापपुर स्‍थित घर पर छापेमारी के समय सीके अनिल सीवान के डीएम थे और रत्‍न संजय कटियार एसपी थी. एसपी रत्न संजय और डीएम सीके अनिल की संयुक्‍त छापेमारी में शहाबुद्दीन के घर से पाकिस्‍तान में बने हथियार बरामद हुए थे.