गांधी मैदान से सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश पर दांव, 12 टाउनशिप से 1 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर
Bihar Independence Day 2026: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार तिरंगा फहराने के बाद राज्य की शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली और शहरी विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए।...
Bihar Independence Day 2026: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार तिरंगा फहराने के बाद राज्य की शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली और शहरी विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए। स्वतंत्रता दिवस के मंच से मुख्यमंत्री ने विकास का खाका पेश करते हुए कहा कि सरकार का फोकस बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य की तस्वीर बदलने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर है।मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि AI आज की सबसे नई और महत्वपूर्ण तकनीकों में शामिल है और बिहार को इससे जोड़ना जरूरी है।
भागलपुर में साइंस-कंप्यूटर यूनिवर्सिटी, बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय
सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भागलपुर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर साइंस-कंप्यूटर यूनिवर्सिटी बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसका मकसद विज्ञान, कंप्यूटर और आधुनिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना है।वहीं, बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की गई। दिनकर की जन्मभूमि और बिहार की साहित्यिक विरासत को देखते हुए इस विश्वविद्यालय का ऐलान क्षेत्र के लिए खास महत्व रखता है।सरकार की इन योजनाओं से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। खासकर विज्ञान, कंप्यूटर और तकनीकी शिक्षा में स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में बेहतर विकल्प मिलने की संभावना है।
रेफरल पर सिविल सर्जन की जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद मरीज को रेफर करने पर संबंधित सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।सरकार का जोर जिला अस्पतालों को इतना सक्षम बनाने पर है कि गंभीर मामलों को छोड़कर मरीजों को अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत न पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों में 36 तरह के ऑपरेशन कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों की ओर भागने की मजबूरी कम करने की कोशिश होगी।उन्होंने आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज पर भी सरकार के जोर का जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक बिहार की करीब 14 करोड़ आबादी में से 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल रहा है।
नवंबर तक 5 लाख करोड़ के निजी निवेश का लक्ष्य
बिहार में उद्योग और रोजगार को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, उद्योग और खेल को आगे बढ़ाने के लक्ष्य पर काम कर रही है और अगले नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है।इतने बड़े निवेश से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों, रोजगार और कारोबार को नई रफ्तार देने की सरकार की मंशा है। अगर प्रस्तावित निवेश जमीन पर उतरता है तो बिहार के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
12 टाउनशिप, 1 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर
शहरी विकास को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सरकार की योजना सामने रखी। उन्होंने कहा कि बिहार में 12 टाउनशिप बनाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा BUDCO के माध्यम से करीब 1 लाख करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है।टाउनशिप के जरिए शहरी सुविधाओं, आवास और आधारभूत संरचना को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की कोशिश की जाएगी। सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से शहरी इलाकों की तस्वीर बदलने का लक्ष्य है।
125 यूनिट मुफ्त बिजली, सब्सिडी पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने बिहार की बिजली व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में फिलहाल करीब 9,475 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है।उन्होंने बताया कि बिहार में करीब एक साल से 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार सरकार उत्तर प्रदेश की तुलना में भी ज्यादा बिजली सब्सिडी दे रही है।बिजली के क्षेत्र में सरकार का जोर उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आम लोगों को राहत देने पर है। मुफ्त बिजली योजना के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी सरकार अपनी प्राथमिकता बता रही है।
प्रवासियों से जन्मभूमि लौटने की अपील
मुख्यमंत्री ने बिहार से बाहर रहने वाले लोगों से भावनात्मक अपील भी की। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से कहा कि वे अपनी जन्मभूमि को अपना कर्मभूमि बनाने की दिशा में सोचें।बिहार के लाखों लोग रोजगार और कारोबार के लिए दूसरे राज्यों तथा विदेशों में रहते हैं। सरकार की कोशिश है कि राज्य में उद्योग, रोजगार और बेहतर सुविधाएं विकसित कर ऐसे लोगों को वापस बिहार से जोड़ने का माहौल तैयार किया जाए।गांधी मैदान से मुख्यमंत्री के ऐलानों में शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ निवेश, बिजली, टाउनशिप और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस दिखाई दिया। भागलपुर में साइंस-कंप्यूटर यूनिवर्सिटी, बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय, जिला अस्पतालों में 36 तरह के ऑपरेशन, 12 टाउनशिप और 5 लाख करोड़ के निजी निवेश का लक्ष्य—इन घोषणाओं के जरिए सरकार ने बिहार के विकास का एक बड़ा रोडमैप पेश किया है।अब इन ऐलानों की असली परीक्षा इनके जमीन पर उतरने और तय समयसीमा में पूरा होने से होगी। स्वतंत्रता दिवस के मंच से सरकार ने जिस विकास की तस्वीर पेश की है, उसमें शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और उद्योग से लेकर बुनियादी ढांचे तक कई मोर्चों पर बड़े बदलाव का दावा किया गया है।