Bihar Flood: नेपाल के सैलाब पर संजय झा का बड़ा बयान, बोले- भारत-नेपाल मिलकर बनाए साझा फ्लड प्लान

Bihar Flood: नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बीच बिहार में संभावित खतरे को लेकर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सतर्कता बरतने की अपील की है।...

नेपाल का सैलाब, बिहार पर सीधा असर- फोटो : reporter

Bihar Flood: नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बीच बिहार में संभावित खतरे को लेकर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिहार से करीब 200 से 250 किलोमीटर दूर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हालांकि अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक पानी का फ्लो काफी कम हुआ है और गंडक नदी में पानी का स्तर भी एक लाख से नीचे आ गया है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर पूरी तरह अलर्ट रहने की जरूरत है।संजय झा ने कहा कि नेपाल में आने वाली बाढ़ का असर सीधे बिहार पर पड़ता है। ऐसे में भारत और नेपाल को सिर्फ आपदा के वक्त सक्रिय होने के बजाय स्थायी और एकीकृत फ्लड मैनेजमेंट प्लान पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेपाल में बांध या अन्य वैज्ञानिक उपायों के जरिए बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। इसके लिए दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

नेपाल का सैलाब, बिहार पर सीधा असर

जदयू नेता ने कहा कि तिब्बत और चीन के कुछ इलाकों में भी पानी आया है, लेकिन नेपाल का बड़ा हिस्सा बाढ़ से प्रभावित हुआ है। नेपाल में जब भी बड़ी बाढ़ आती है, उसका असर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी पड़ता है। इसलिए भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए जल प्रबंधन और आपदा नियंत्रण की साझा रणनीति तैयार करना समय की मांग है।उन्होंने कहा कि गंडक, कोसी, बागमती और कमला जैसी नदियों की जलधारण क्षमता और बाढ़ नियंत्रण को लेकर लगातार काम करना होगा। अगर भविष्य के लिए एकीकृत योजना बनाकर काम नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में बाढ़ की समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

ग्लेशियर टूटने और अतिवृष्टि से बढ़ सकता है संकट

संजय झा ने प्राकृतिक आपदाओं की अनिश्चितता का जिक्र करते हुए कहा कि कभी ग्लेशियर टूटने जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो कभी अचानक किसी इलाके में अत्यधिक बारिश हो जाती है। ऐसी घटनाओं के कारण बेहद कम समय में बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।उन्होंने नेपाल की आपदा में जान गंवाने वाले लोगों और वहां मौजूद भारतीय पर्यटकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सभी मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।संजय झा ने स्पष्ट किया कि फिलहाल बिहार में किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्कता में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

तेजस्वी पर सियासी वार

बाढ़ के मुद्दे पर संजय झा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी बिहार में कोई संकट या बड़ी घटना होती है, तो तेजस्वी यादव अक्सर फील्ड में नजर नहीं आते और बिहार से बाहर चले जाते हैं। यह संजय झा का राजनीतिक आरोप है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी वाल्मीकिनगर साइट का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। बिहार सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को भी सतर्क रखा गया है।संजय झा ने कहा कि बाढ़ से किसी भी तरह की संकटपूर्ण स्थिति पैदा होने पर बिहार सरकार उससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सोच रही है कि ‘खजाने पर सबसे पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का होता है।’संजय झा ने बताया कि पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी फीडबैक दिया गया है। सरकार तत्काल निगरानी के साथ भविष्य के लिए भारत-नेपाल के बीच साझा जल प्रबंधन तंत्र मजबूत करने पर जोर दे रही है।

रिपोर्ट- अभिजीत सिंह