Bihar Train Delay: भीषण गर्मी में रेलवे सिस्टम ध्वस्त? ट्रेनों का टाइम-टेबिल चरमराया, 1 से 3 घंटे तक लेट दौड़ रही दर्जनों एक्सप्रेस
Bihar Train Delay: बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं अब इसका असर रेलवे सिस्टम पर भी साफ दिखने लगा है।
Bihar Train Delay: बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं अब इसका असर रेलवे सिस्टम पर भी साफ दिखने लगा है। चिलचिलाती धूप और तपती पटरियों के बीच ट्रेनों का संचालन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जो रेल प्रशासन सर्दियों में देरी का ठीकरा घने कोहरे पर फोड़ता था, वही अब गर्मी में भी समय पर ट्रेनों को चलाने में असफल नजर आ रहा है।
राज्यभर में एक दर्जन से अधिक प्रमुख ट्रेनें लगातार देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। आरा से चलने वाली कैपिटल एक्सप्रेस रोजाना लेट रवाना हो रही है और पटना जंक्शन पहुंचते-पहुंचते यह 30 मिनट से लेकर एक घंटे तक विलंबित हो जाती है। इसी तरह मगध एक्सप्रेस, गरीब रथ, पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस और पूर्वा एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों की समय-सारणी पूरी तरह गड़बड़ा गई है।
सबसे ज्यादा प्रभावित श्रमजीवी एक्सप्रेस रही, जो अपने निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे के बजाय बुधवार को दोपहर 1:42 बजे पटना जंक्शन पहुंची, यानी करीब तीन घंटे की देरी। वहीं मगध एक्सप्रेस भी अपने तय समय 5:30 बजे की बजाय 6:02 बजे स्टेशन पर पहुंची। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को खासा परेशान होना पड़ रहा है।
पूर्वा एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस, आनंद विहार स्पेशल, विक्रमशिला एक्सप्रेस, गरीब रथ, बक्सर-आरा पैसेंजर, साउथ बिहार एक्सप्रेस और पूर्णिया-हटिया रूट की ट्रेनें भी लगातार 1 से 3 घंटे तक देरी से चल रही हैं। इससे न सिर्फ यात्रियों का समय प्रभावित हो रहा है, बल्कि कनेक्टिंग ट्रेनों और आगे की यात्रा योजनाएं भी पूरी तरह बिगड़ रही हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बढ़ते तापमान, ट्रैक की गर्मी और परिचालन दबाव को देरी का कारण बताया जा रहा है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि यह स्थिति हर साल गर्मी में दोहराई जाती है और कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता।
बिहार में इस समय मौसम की मार सिर्फ सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि रेलवे नेटवर्क पर भी भारी पड़ रही है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।