Patna News: पटना के पार्कों में गंदगी पर शिवानंद तिवारी ने उठाए सवाल, बोले- मजबूरी समझिए, लोगों को शौचालय की सुविधा दीजिए

Patna News: शिवानंद तिवारी ने पटना के पार्कों की साफ-सफाई और सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए हैं।

पार्कों में गंदगी पर शिवानंद तिवारी ने उठाए सवाल- फोटो : reporter

Patna News:बिहार की राजनीति के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने पटना के पार्कों की साफ-सफाई और सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल साइट पर एक अनुभव साझा करते हुए श्रीकृष्णपुरी इलाके के पार्क की स्थिति का जिक्र किया। उनके मुताबिक, इस पार्क में सुबह टहलने आने वाले बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि आसपास के कुछ लोग खुले में शौच करने के लिए पार्क के पास पहुंचते हैं। तिवारी ने इस समस्या को केवल गंदगी से जोड़कर देखने के बजाय इसके पीछे की सामाजिक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी वजहों की पड़ताल करने की जरूरत बताई है।

श्रीकृष्णपुरी पार्क में सुबह टहलने वालों को परेशानी

शिवानंद तिवारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात श्रीकृष्णनगर मोहल्ले के कुछ लोगों से हुई। बातचीत के दौरान पार्क की स्थिति का मुद्दा उठा। स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में विभिन्न मोहल्लों में बनाए गए पार्कों की कड़ी में श्रीकृष्णपुरी का पार्क भी शामिल है। यहां सुबह-सुबह खासकर बुजुर्ग टहलने और समय बिताने आते थे।

हालांकि, स्थानीय लोगों के हवाले से तिवारी ने दावा किया कि पास के मंदिरी मोहल्ले से कुछ लोग या युवक सुबह अंधेरा रहते ही पार्क के आसपास खुले में शौच करने पहुंचते हैं। इससे पार्क में घूमने और सुबह की सैर करने वाले लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने इस स्थिति को सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं से जुड़ा गंभीर सवाल बताया।

गंदगी के पीछे मजबूरी भी हो सकती है वजह

शिवानंद तिवारी ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि खुले में शौच करने वाले लोगों की स्थिति को समझना भी जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर लोग सुबह अंधेरे में पार्क के आसपास शौच करने क्यों आते हैं? उनके अनुसार, इसकी एक संभावित वजह घरों में शौचालय के लिए पर्याप्त जगह नहीं होना या मोहल्ले में उचित सुविधा का अभाव हो सकता है।उन्होंने कहा कि यदि लोग मजबूरी में ऐसा कर रहे हैं, तो समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए उनके घरों और आसपास की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जांच होनी चाहिए। केवल गंदगी को लेकर शिकायत करने के बजाय यह पता लगाना जरूरी है कि संबंधित परिवारों के पास शौचालय की सुविधा उपलब्ध है या नहीं।

आईएएस कॉलोनी के पास की समस्या पर भी ध्यान देने की अपील

तिवारी ने श्रीकृष्णपुरी इलाके का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बड़े लोगों का मोहल्ला माना जाता है और यहां आईएएस कॉलोनी भी है। उनके मुताबिक, ऐसे इलाके के पास स्थित पार्क में इस तरह की परेशानी सामने आना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या आसपास के वंचित या कम सुविधाओं वाले मोहल्लों की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने सुझाव दिया कि संबंधित इलाके में सर्वे कराया जाए। इसके तहत पता लगाया जाए कि पार्क के आसपास आने वाले लोग किन बस्तियों से आते हैं, उनके घरों में शौचालय हैं या नहीं और उनके मोहल्ले में सार्वजनिक शौचालय जैसी सुविधा उपलब्ध है या नहीं। यदि ऐसी सुविधाओं का अभाव है, तो स्थानीय प्रशासन को उन्हें उपलब्ध कराने के उपाय करने चाहिए।

स्वच्छता के साथ सम्मानजनक जीवन भी जरूरी

शिवानंद तिवारी के इस सवाल का केंद्रीय पहलू यह है कि सार्वजनिक स्थलों की सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। यदि किसी इलाके में शौचालय की कमी है, तो उसका असर आसपास के पार्कों, सड़कों और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर पड़ सकता है।उन्होंने इस दिशा में सर्वे, उचित शौचालय व्यवस्था और प्रशासनिक पहल की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि लोगों को ऐसी सुविधाएं मिलनी चाहिए, जिनसे वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें और पार्कों का इस्तेमाल भी उनके मूल उद्देश्य के अनुरूप हो सके।

फिलहाल, श्रीकृष्णपुरी पार्क को लेकर सामने आई बातें शिवानंद तिवारी द्वारा साझा किए गए अनुभव और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी पर आधारित हैं। समस्या की वास्तविक स्थिति, खुले में शौच के कारणों और उपलब्ध सार्वजनिक सुविधाओं का पता लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन की जांच जरूरी होगी। यदि बुनियादी सुविधाओं की कमी इसकी वजह है, तो उसका समाधान निकालना स्वच्छता अभियान के साथ सामाजिक सम्मान की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

रिपोर्ट- देवांशु प्रभात