'सरगम' की धुनों से गूंजी प्रेमचंद रंगशाला: श्रैफिकुलम विद्या बोधि स्कूल के नन्हे कलाकारों ने बांधा समां

पटना के प्रेमचंद रंगशाला में श्रैफिकुलम विद्या बोधि स्कूल का वार्षिक उत्सव 'सरगम' आयोजित हुआ, जिसमें 200 बच्चों ने अपनी कला से बिहार और देश की लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया।

Patna - कंकड़बाग स्थित श्रैफिकुलम विद्या बोधि स्कूल का वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम 'सरगम' शुक्रवार को प्रेमचंद रंगशाला में धूमधाम से संपन्न हुआ। आधुनिक और पारंपरिक कला के अनूठे संगम पर आधारित इस कार्यक्रम में स्कूल के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 


गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन से शुरुआत

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन विख्यात पियानो वादक निर्मल अगस्त्य ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात छात्रों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पारंपरिक संगीत और आधुनिक धुनों का मिश्रण रहा। 

विविध भाषाओं और लोक संस्कृति का संगम


'सरगम' के मंच पर भारत की भाषाई विविधता की झलक देखने को मिली। बच्चों ने बिहारी लोक गीतों से लेकर त्रिपुरा और देश के विभिन्न राज्यों के गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक विविधता से भरे इन कार्यक्रमों का वहां मौजूद अभिभावकों और कला प्रेमियों ने जमकर लुत्फ उठाया। 

नाट्य प्रस्तुति: छात्र जीवन में सफलता के मंत्र


सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ छोटे बच्चों ने एक प्रेरणादायक नाटक का मंचन भी किया। इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को छात्र जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन और सफलता प्राप्त करने के महत्वपूर्ण मंत्रों के बारे में बताया गया। 

प्रबंधन का संदेश: मोबाइल युग में कला का महत्व

संस्थान के चेयरपर्सन श्रैफिकेश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल और मोबाइल युग में ऐसे आयोजन बच्चों के लिए बेहद जरूरी हैं। इससे उनमें आपसी सामंजस्य, टीम वर्क और सहयोग की भावना विकसित होती है। वहीं, स्कूल की प्रिंसिपल अदिति प्रसाद ने जोर दिया कि कलात्मक गतिविधियों से ही बच्चों का सर्वांगीण बौद्धिक और मानसिक विकास संभव है। 

ग्रैंड फिनाले के साथ अद्भुत समापन

कार्यक्रम का समापन एक भव्य 'ग्रैंड फिनाले' के साथ हुआ, जिसमें सभी 200 प्रतिभागी एक साथ मंच पर उतरे। रंग-बिरंगी रोशनी और उत्साह के बीच सभी कलाकारों को एक साथ देखना दर्शकों के लिए एक अद्भुत और आनंदमयी अनुभूति थी।