Bihar News : शिक्षा विभाग में 'सिंगल विंडो सिस्टम' की हुई शुरुआत, अब घर बैठे टोल-फ्री नंबर पर दर्ज होंगी शिकायतें, छात्र- अभिभावक इन नंबरों पर करें फोन

Bihar News : शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की समस्याओं के समाधान के लिए "सिंगल विंडो सिस्टम" का विधिवत उद्घाटन किया। इन नम्बरों पर दर्ज कराये शिकायत.....पढ़िए आगे

शिखा विभाग की पहल - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “सिंगल विंडो सिस्टम” का उद्घाटन किया। इस नई व्यवस्था के माध्यम से अब छात्रों एवं अभिभावकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सचिवालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अब विद्यार्थी एवं अभिभावक टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे, जिनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह पहल छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षा विभाग के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था के माध्यम से छात्रवृत्ति, नामांकन, प्रमाण पत्र, विद्यालय संबंधी शिकायतों एवं अन्य शैक्षणिक समस्याओं का समाधान अधिक सरल एवं सुगम हो सकेगा। शिक्षा विभाग का यह कदम विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनसहभागिता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल  है।

गौरतलब है कि इस संबंध में शिक्षा विभाग द्वारा पहले ही टोल-फ्री नंबर जारी किया जा चुका है। इस संदर्भ में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर द्वारा राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है कि सभी सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की मुख्य दीवारों पर शिक्षा विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का टोल-फ्री नंबर बड़े एवं स्पष्ट अक्षरों में प्रदर्शित कराया जाए।

विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार विद्यालयों में जारी किया गया टोल-फ्री नंबर प्रमुखता से अंकित किए जाएंगे— टोल-फ्री नंबर : 14417 एवं 18003454417. इन नंबरों पर आमजन शिक्षा, शिक्षण व्यवस्था, छात्र-छात्राओं तथा विद्यालय संबंधी शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यह कार्य 31 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।