Bihar Panchayat Scam: सोलर स्ट्रीट लाइट घोटाले में 12 मुखिया पर गिरेगी गाज, बर्खास्तगी की तैयारी,पढ़िए लिस्ट

Bihar Panchayat Scam: ग्राम पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के क्रियान्वयन में कथित वित्तीय अनियमितताओं ने पंचायत प्रतिनिधियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ...

सोलर स्ट्रीट लाइट घोटाले में 12 मुखिया पर गिरेगी गाज- फोटो : social Media

Bihar Panchayat Scam: ग्राम पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के क्रियान्वयन में कथित वित्तीय अनियमितताओं ने पंचायत प्रतिनिधियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सरकारी राशि की निकासी, फर्जी भुगतान और बिना काम पूरा किए भुगतान करने के आरोपों की जांच के बाद 12 मुखियाओं को पद से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, इस मामले में  डेढ़ दर्जन मुखियाओं पर कार्रवाई की तलवार लटकने की बात सामने आ रही है। गंभीर अनियमितताओं के साथ लगातार ग्रामसभा की बैठकों से गैरहाजिर रहने वाले मुखियाओं पर भी शासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

जांच के दौरान कई पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर नियमों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि निर्धारित संख्या में लाइट लगाए बिना ही सरकारी अभिलेखों में योजना को पूरा दिखा दिया गया और राशि की निकासी कर ली गई। कुछ पंचायतों में कागज पर काम पूरा मिला, जबकि मौके पर भौतिक सत्यापन के दौरान योजना अधूरी पाई गई या पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।

शिकायतों की जांच में योजना की स्वीकृति, सामग्री की खरीद, आपूर्ति, स्थापना और भुगतान से जुड़े अभिलेखों को खंगाला गया। इसमें नियम विरुद्ध फंड निकासी और सरकारी राशि के कथित बंदरबांट की पुष्टि होने की बात कही गई है। वित्तीय अनियमितता के मामलों ने अब दूसरे पंचायत प्रतिनिधियों की भी पेशानी पर बल डाल दिया है।

इसके अलावा कुछ मुखियाओं पर लगातार ग्रामसभा की बैठकों से नदारद रहने और पंचायत के कामकाज में नियमों की अनदेखी करने के आरोप हैं। शासन ने इसे पंचायत संचालन में गंभीर लापरवाही माना है। संबंधित मुखियाओं से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। आरोप साबित होने पर पंचायती राज अधिनियम के तहत पद से हटाया जा सकता है।

कार्रवाई की जद में आने वाले मुखियाओं में बटोरन कुमार (डोमा, बख्तियारपुर), इम्तियाज अंसारी (काजीपुर सिमरी), दीपनारायण सिंह (पहरी सिमरी), अजय कुमार (बरीसवन), मो. नदीमुर रहमान (ठिकही), शिवशंकर सिंह (रामपुर डीह), आजाद शाह (मोकरमपुर), रमेश मांझी (श्रीपुर गाहर पश्चिमी), किरण बाला (अखलासपुर), अखिलेश रजक (भीखनपुरा), रामानंद सिंह (पिंजौरा) और अंजली कुमारी (सहाजीपुर) शामिल हैं।

पंचायती राज विभाग ने साफ किया है कि सरकारी योजनाओं में वित्तीय गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले जनप्रतिनिधियों के साथ संबंधित कर्मियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।