ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 बिहार के लिए ऐतिहासिक पहल, जनस्वास्थ्य और स्वच्छता को मिलेगी नई दिशा: मंगल पांडेय
बिहार सरकार द्वारा राज्य में 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026' लागू की गई है। राज्य सरकार के इस कदम का बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व बीजेपी के वरिषठ नेता मंगल पांडेय ने स्वागत किया है....
Patna : पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने बिहार सरकार द्वारा राज्य में लागू की गई 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026' का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इसे स्वच्छता, जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम बताया। श्री पांडेय ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और कचरा प्रबंधन की चौतरफा चुनौतियों को देखते हुए बनाई गई यह नई नियमावली न केवल कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम नागरिकों के भीतर स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करेगी।
बड़े प्रतिष्ठानों के लिए परिसर में ही गीले कचरे से खाद बनाना हुआ अनिवार्य
नई नियमावली के कड़े प्रावधानों की चर्चा करते हुए श्री पांडेय ने बताया कि अब प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा पैदा करने वाले बड़े संस्थानों पर विशेष जिम्मेदारी तय की गई है। इसके तहत होटल, मॉल, अस्पताल, अपार्टमेंट और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में ही गीले कचरे का निस्तारण कर उससे खाद तैयार करना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से नगर निकायों पर कचरे का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा और जैविक खाद के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
कचरा वाहनों में होंगे 4 अलग रंग के डिब्बे, अलग-अलग श्रेणियों में बंटेगा कचरा
घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था को और अधिक वैज्ञानिक, सुव्यवस्थित तथा प्रभावी बनाने के लिए गाड़ियों के डिजाइन में भी बड़ा बदलाव किया गया है। श्री पांडेय ने जानकारी दी कि अब कचरा उठाने वाले वाहनों में चार अलग-अलग रंगों के डिब्बों (कंटेनरों) की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से नागरिकों और सफाईकर्मियों के लिए कचरे को गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक (डोमेस्टिक हैजार्डस) तथा हानिकारक (सेनेटरी) श्रेणियों में अलग-अलग रखना अनिवार्य होगा, जिससे रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी।
पटना में 514 करोड़ की लागत से बनेगा एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र
बिहार की राजधानी को कचरा मुक्त बनाने के लिए चल रही बड़ी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने पटना के रामाचक बैरिया एवं बाढ़िया में स्थापित किए जा रहे एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि 514 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रही यह परियोजना राज्य के पर्यावरण इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह संयंत्र आधुनिकतम तकनीकों से लैस होगा, जो कचरे को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना रीसाइकिल करने में सक्षम है।
सिवान के ‘कबाड़ मंडी’ ऐप की तारीफ, नागरिकों से की स्वच्छ बिहार बनाने की अपील
अपने संबोधन के अंत में श्री पांडेय ने सिवान जिले द्वारा कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में शुरू किए गए ‘कबाड़ मंडी’ मोबाइल ऐप की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह अनूठी डिजिटल पहल ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक और गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे के प्रबंधन में गेमचेंजर साबित होगी, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय भी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ भारत मिशन' की भावना के अनुरूप सम्राट सरकार ने इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ा है। उन्होंने सभी राज्यवासियों से स्वच्छ और स्वस्थ बिहार के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
प्रियदर्शन की रिपोर्ट