Patna News: बेटी की यादों में खो गए SP साहेब,वर्दी के पीछे छुपे एक भावुक पिता ने गाये गीत...वायरल हुआ वीडियो...

Patna News: पटना के ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक सागर झा का भावुक और पारिवारिक अंदाज सामने आया है, जिसने पिता और बेटी के रिश्ते की खूबसूरती को एक बार फिर महसूस करा दिया।

बेटी की यादों में खो गए SP साहेब- फोटो : reporter

Patna Police:  पुलिस की वर्दी में अक्सर सख्त अनुशासन, जिम्मेदारी और कानून-व्यवस्था की तस्वीर नजर आती है, लेकिन उसी वर्दी के पीछे एक ऐसा पिता भी होता है, जिसके दिल में अपनी बेटी के जन्म की यादें आज भी उतनी ही ताजा हैं। पटना के ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक सागर झा का ऐसा ही भावुक और पारिवारिक अंदाज सामने आया है, जिसने पिता और बेटी के रिश्ते की खूबसूरती को एक बार फिर महसूस करा दिया।

सागर झा ने अपनी बेटी शिवांगी के जन्म से जुड़ी खूबसूरत यादों को साझा करते हुए लोकप्रिय भक्ति गीत ‘मेरे घर राम आए हैं’ को अपनी आवाज में गाया। उनकी इस प्रस्तुति के पीछे सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि जिंदगी का वह अनमोल पल छिपा है, जब बेटी के आने से उनका घर खुशियों से भर गया था।

बेटी के जन्म के साथ जुड़ गई थी गीत की हर धुन

सागर झा ने बताया कि जब उनकी बेटी शिवांगी का जन्म हुआ था, उस समय उनके घर में ‘मेरे घर राम आए हैं’ गीत काफी जोर-शोर से बजाया जाता था। बेटी के आगमन की खुशी और इस गीत की धुन ने उनके जीवन में एक ऐसी याद बना दी, जो आज भी उनके दिल के बेहद करीब है।

यह गीत उनके लिए केवल भक्ति संगीत नहीं, बल्कि बेटी के जन्म, घर में आई खुशियों और परिवार के उस सुनहरे अध्याय की याद दिलाता है, जिसे वे कभी भूल नहीं सकते।

गीत की हर पंक्ति के साथ मानो वह समय फिर से जीवंत हो उठता है, जब नन्ही शिवांगी के आने से घर का माहौल खुशियों और उत्साह से भर गया था।

वर्दी के पीछे छिपा एक भावुक पिता

आमतौर पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने, सड़क सुरक्षा और पुलिसिंग की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाले सागर झा का यह अंदाज उनके व्यक्तित्व का एक अलग और आत्मीय पक्ष सामने लाता है।उनकी आवाज में गाया गया यह गीत बताता है कि जिम्मेदारियों के बीच भी इंसान के जीवन में कुछ रिश्ते और उनसे जुड़ी यादें ऐसी होती हैं, जो हमेशा दिल में खास जगह बनाए रखती हैं।

बेटी का जन्म किसी भी पिता के जीवन का बेहद भावुक और यादगार पल होता है। सागर झा की इस प्रस्तुति में भी वही भाव नजर आता है—एक पिता का अपनी बेटी के प्रति असीम प्यार और उसके जन्म से जुड़ी अनमोल स्मृतियां।

एक गीत, हजारों यादें और बेटी के लिए ढेर सारा प्यार

SP सागर झा की यह प्रस्तुति सिर्फ एक भजन गायन नहीं, बल्कि एक पिता के दिल की भावनाओं की अभिव्यक्ति है। यह उस खुशी को फिर से महसूस करने का अवसर है, जब बेटी के आने से घर में रौनक बढ़ गई थी और जीवन को एक नई खूबसूरती मिली थी।

कभी-कभी कोई गीत सिर्फ सुनने के लिए नहीं होता, बल्कि वह जिंदगी के सबसे खूबसूरत पलों को अपने भीतर समेट लेता है। सागर झा के लिए ‘मेरे घर राम आए हैं’ ऐसा ही एक गीत है, जिसकी हर धुन में बेटी शिवांगी के जन्म की यादें और उसके प्रति पिता का असीम स्नेह बसा हुआ है।

एक पिता की आवाज में गूंजता यह गीत याद दिलाता है कि वर्दी की जिम्मेदारियों से भरी जिंदगी में भी परिवार की खुशियां और अपनों से जुड़ी यादें ही दिल की सबसे अनमोल पूंजी होती हैं।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार