Bihar News : मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की हुई बैठक, राशन कार्ड, स्मार्ट पीडीएस सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा, फ्लाइंग स्क्वॉड गठित करने की हुई पहल

Bihar News : बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में आज मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत संचालित योजनाओं, जन वितरण प्रणाली दुकानों के लिए लाइसेंस निर्गमन, राशन कार्ड निर्माण एवं संदिग्ध राशन कार्डों के सत्यापन, स्मार्ट पीडीएस के कार्यान्वयन तथा धान अधिप्राप्ति की विस्तृत समीक्षा की गई। माननीय मंत्री ने योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाने तथा संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में आईटी आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने के मामले में बिहार अग्रणी राज्य है। विभाग का उद्देश्य तकनीक के प्रभावी उपयोग से जन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाना है। उन्होंने कहा कि शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निवारण सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इस दिशा में शिकायत निवारण प्रणाली को और सुदृढ़ करने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और शिकायतों के निष्पादन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। मंत्री ने जन वितरण प्रणाली दुकानों की नई अनुज्ञप्ति जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि लाइसेंस से संबंधित सभी लंबित मामलों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने, योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा लाभुकों को खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होने देने पर भी जोर दिया।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 8.45 करोड़ लाभुक आच्छादित

बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार में लगभग 2.09 करोड़ राशन कार्डों के माध्यम से 8.45 करोड़ लाभुक आच्छादित हैं। इनमें से 6.54 करोड़ लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जो लगभग 80.07 प्रतिशत है। राज्य में 1.85 करोड़ राशन कार्डों पर खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। अक्टूबर 2026 में वन नेशन, वन राशन कार्ड (ONORC) व्यवस्था के अंतर्गत बिहार के 3.65 लाख राशन कार्डधारियों ने दूसरे राज्यों में खाद्यान्न प्राप्त किया। शिकायत निवारण के क्षेत्र में प्राप्त कुल 4,069 शिकायतों में से 3,383 का निष्पादन किया जा चुका है, जो 83.14 प्रतिशत है। बैठक में खाद्यान्न वितरण से संबंधित शिकायतों के त्वरित निष्पादन, ई-केवाईसी की प्रगति में सुधार तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी अनुपालन के लिए नियमित पर्यवेक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया।

जन वितरण प्रणाली दुकानों की 4,910 रिक्तियों के विरुद्ध विज्ञापन, 1,237 नए लाइसेंस जारी

जन वितरण प्रणाली दुकानों की अनुज्ञप्ति जारी करने की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि राज्य में कुल 4,910 रिक्तियों के विरुद्ध सभी 4,910 पदों को विज्ञापित किया गया है। इनके लिए 50,031 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा अब तक 1,237 नई अनुज्ञप्तियां जारी की जा चुकी हैं। माननीय मंत्री ने शेष मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा पात्र आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुज्ञप्ति जारी करने का निर्देश दिया।

पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान

राशन कार्ड निर्माण एवं विलोपन की समीक्षा में बताया गया कि नए राशन कार्ड के लिए 13,93,704 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 7,40,925 राशन कार्ड जारी किए गए हैं तथा राशन कार्डों में 14,61,286 नए सदस्यों को जोड़ा गया है। पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। पंचायत विकास शिविरों के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने के साथ ही उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि, ई-केवाईसी, सत्यापन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं आपूर्ति निरीक्षक द्वारा आवेदनों का सत्यापन तथा अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा स्वीकृति के उपरांत स्मार्ट पीडीएस के RCMS पोर्टल के माध्यम से नए राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं। सभी जिलों में इस प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जा रही है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों एवं मानदंडों के अनुरूप संदिग्ध राशन कार्डों की पहचान एवं सत्यापन की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके अंतर्गत एक से अधिक स्थानों पर दर्ज लाभुकों, आधार संबंधी विवरण, लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले लाभुकों तथा आय, संपत्ति एवं अन्य निर्धारित पात्रता मानकों से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया जा रहा है। 

स्मार्ट पीडीएस से राशन कार्ड एवं खाद्यान्न वितरण प्रणाली होगी अधिक प्रभावी

बैठक में स्मार्ट पीडीएस (SMART-PDS) के कार्यान्वयन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार में राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (RCMS), इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePoS), सप्लाई चेन मैनेजमेंट (SCM) तथा फेयर प्राइस शॉप मैनेजमेंट सिस्टम (FPSMS) मॉड्यूल लागू किए गए हैं। 11 जुलाई 2026 से RCMS मॉड्यूल के माध्यम से राशन कार्डों का निर्माण, संशोधन, सदस्यों को जोड़ने एवं विलोपन का कार्य किया जा रहा है। वहीं, 26 सितंबर 2026 से ePoS, SCM एवं FPSMS मॉड्यूल के माध्यम से खाद्यान्न वितरण, आवंटन, परिवहन तथा जन वितरण प्रणाली दुकानों के प्रबंधन से संबंधित कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ePoS के माध्यम से बायोमेट्रिक एवं आइरिस प्रमाणीकरण के आधार पर खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की गई है। नए राशन कार्ड जारी करने से पूर्व लाभुकों का ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। राशन कार्ड के आंकड़ों को आयुष्मान भारत (PM-JAY) सहित अन्य संबंधित प्रणालियों से एकीकृत करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में 35 लाख मीट्रिक टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य

बैठक में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए धान अधिप्राप्ति एवं कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की प्राप्ति की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। राज्य में इस मौसम के दौरान 35 लाख मीट्रिक टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। कोसी, पूर्णिया, तिरहुत, दरभंगा एवं सारण प्रमंडलों के सभी जिलों में धान अधिप्राप्ति 1 नवंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक तथा राज्य के शेष जिलों में 15 नवंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक निर्धारित है। सीएमआर की प्राप्ति की अवधि 1 नवंबर 2026 से 31 अगस्त 2027 तक निर्धारित की गई है। बैठक में विकेन्द्रीकृत अधिप्राप्ति योजना के अंतर्गत पिछले वर्षों की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में 36.85 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 36.79 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई, जो लक्ष्य का 99.84 प्रतिशत है। इस अवधि में 5,40,469 किसानों को लाभ मिला तथा उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 8,807.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। रबी विपणन मौसम 2026-27 में गेहूं अधिप्राप्ति की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया गया कि 1.30 लाख मीट्रिक टन के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 25,159.446 मीट्रिक टन गेहूं की अधिप्राप्ति की गई है। इससे 6,095 किसानों को लाभ मिला है तथा उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 67.89 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा 

बैठक में धान अधिप्राप्ति की तैयारियों, चावल मिलों के निबंधन एवं अनुमोदन, सीएमआर की प्राप्ति तथा भंडारण व्यवस्था से संबंधित पहलुओं पर भी चर्चा की गई। विकेन्द्रीकृत अधिप्राप्ति योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर धान की खरीद एवं चावल की आपूर्ति सुनिश्चित करने से खाद्यान्न प्रबंधन अधिक प्रभावी होता है तथा अन्य राज्यों से चावल के परिवहन पर होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने में सहायता मिलती है। बैठक का उद्देश्य विभागीय योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन एवं उनके प्रभाव का आकलन करने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक के आधार पर योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार करना था। राज्य स्तरीय सतर्कता समिति के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी को मजबूत करने तथा जन वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, सांसद सुनील कुमार, विधान पार्षद डॉ. संजीव कुमार सिंह, वीरेन्द्र नारायण यादव एवं रविन्द्र प्रसाद सिंह तथा विधायक मुरारी प्रसाद गौतम उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त राज्य स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के सदस्य, बिहार प्रदेश जन वितरण प्रणाली दुकानदार संघ एवं फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, निदेशक (उपभोक्ता संरक्षण) श्री बिभूति रंजन चौधरी, विशेष सचिव श्री उपेन्द्र कुमार, अपर सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम श्री अभय झा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।