ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन में न हो देरी, राज्य परिवहन आयुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
बिहार में अब गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। परिवहन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को समय पर आरसी और डीएल जारी करने का कड़ा निर्देश जारी किया है....
Patna : बिहार में आम नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन निबंधन प्रमाण पत्र (RC) प्राप्त करने में अब अनावश्यक विलंब का सामना नहीं करना पड़ेगा। परिवहन सचिव राज कुमार के निर्देश पर राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO), मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) और प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI) शामिल हुए, जहां विभागीय सेवाओं के त्वरित निष्पादन और राजस्व संग्रहण की विस्तृत समीक्षा की गई।
प्रतिदिन 2339 DL और 3731 RC का हो रहा निबंधन
राज्य परिवहन आयुक्त ने जोर देकर कहा कि परिवहन विभाग सीधे आम जनता की दैनिक सुविधाओं से जुड़ा विभाग है। इसलिए विभागीय सेवाओं का लाभ नागरिकों को सहज और तय समयसीमा के भीतर देना विभागीय अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 2,339 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,731 वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की प्रतिदिन समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
बिना निबंधन शोरूम से वाहन निकलने पर होगी सख्त कार्रवाई
परिवहन आयुक्त ने सख्त हिदायत दी कि किसी भी परिस्थिति में शोरूम से बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी नया वाहन सड़क पर नहीं निकलना चाहिए। बिना निबंधन के वाहनों का परिचालन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था को मुस्तैदी से लागू करने के लिए सभी स्थानीय थानों को आवश्यक रूप से सूचित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बिना वैध आरसी (RC) के सड़कों पर चल रहे वाहनों को तत्काल इंपाउंड (जब्त) किया जा सके।
लक्ष्य से पीछे रहने वाले अधिकारियों को शो-कॉज
समीक्षा के दौरान जिलावार राजस्व वसूली की स्थिति का जायजा लिया गया। निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध मुजफ्फरपुर में 46%, शिवहर में 45%, मोतिहारी में 44%, पटना एवं भागलपुर में 42% तथा पूर्णिया, अररिया, समस्तीपुर और किशनगंज में 40% राजस्व की प्राप्ति हुई है। वहीं जिन जिलों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण नहीं पाया गया, वहां के संबंधित DTO, ADTO, MVI और ESI से स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगने का निर्देश दिया गया है। परिवहन आयुक्त ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित मॉनिटरिंग कर राजस्व लक्ष्य हासिल करने को कहा।
31 दिसंबर तक बैकलॉग एंट्री की अंतिम तिथि तय
बैठक में एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए राज्य परिवहन आयुक्त ने बताया कि ऑफलाइन माध्यम से निबंधित हुए पुराने वाहनों की बैकलॉग एंट्री 31 दिसंबर के बाद पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। वाहन मालिक 31 दिसंबर से पूर्व अपने वाहन से संबंधित कागजात, निबंधन प्रमाण पत्र (फॉर्म-23), आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद जिन वाहनों की बैकलॉग एंट्री दर्ज नहीं होगी, उन्हें अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।
धीरज पराशर की रिपोर्ट