Bihar Student Credit Card Scheme: ब्याज माफ, फिर भी मूलधन से मुंह मोड़ रहे युवा! स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन बना सरकार के लिए सिरदर्द, इन पर होगा केस

Bihar Student Credit Card Scheme:बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पढ़ाई करने वाले लाखों युवाओं को सरकार ने बड़ी राहत देते हुए ब्याज माफ कर दिया है, लेकिन ...

62 हजार से अधिक पर चलेगा सर्टिफिकेट केस- फोटो : social Media

Bihar Student Credit Card Scheme:बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पढ़ाई करने वाले लाखों युवाओं को सरकार ने बड़ी राहत देते हुए ब्याज माफ कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद हजारों युवा पढ़ाई पूरी होने के बाद भी सरकार का मूलधन लौटाने से कतरा रहे हैं। राज्य में कुल 3,89,363 युवाओं का ब्याज माफ किया गया है, फिर भी 62,436 युवाओं ने अब तक लोन की वापसी शुरू नहीं की है। ऐसे सभी डिफॉल्टर युवाओं की सूची जिला स्तर पर निबंधन सह परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) द्वारा तैयार कर ली गई है। जनवरी के अंत तक राज्य के सभी 38 जिलों में इन युवाओं के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज किए जाने की तैयारी है।

राजधानी पटना की बात करें तो यहां हालात और भी चिंताजनक हैं। पटना जिले में 6,938 युवाओं ने अब तक लोन की राशि लौटाना शुरू नहीं किया है। बिहार राज्य वित्त निगम की सहायक महाप्रबंधक कुमारी नीतू ने बताया कि पटना जिले में अब तक करीब 5 हजार युवाओं को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत लोन दिया गया है। शेष आवेदनों की जांच चल रही है और उन्हें भी तेजी से निष्पादित किया जा रहा है।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन सरकार द्वारा उन छात्रों को दिया जाता है, जो किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में नामांकन लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। यह सुविधा केवल बिहार के स्थायी निवासियों को मिलती है और इसके लिए बिहार से इंटर पास होना अनिवार्य है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2018 के बाद लोन लेने वाले युवाओं को ब्याज माफी का लाभ मिलेगा। जिन्होंने पहले ही ब्याज सहित किस्त जमा कर दी है, उनकी राशि वापस नहीं होगी, लेकिन जो मूलधन शेष है, उस पर अब ब्याज नहीं लिया जाएगा।

लोन वापसी का नियम भी साफ है। पढ़ाई पूरी होने के एक साल बाद से लोन चुकाना अनिवार्य है। 4 लाख रुपये तक का लोन लेने वालों को 10 साल और इससे कम राशि लेने वालों को 7 साल में मूलधन चुकाना होगा।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद शिक्षा विभाग और बैंक द्वारा लोन स्वीकृत कर कार्ड जारी किया जाता है। आवश्यक दस्तावेजों में छात्र और माता-पिता का आधार, पैन कार्ड, 10वीं-12वीं का प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और कॉलेज का फीस स्ट्रक्चर शामिल है।