RJD सांसद सुधाकर सिंह का जदयू पर करारा प्रहार, फरक्का पर संजय झा गा रहे हैं हसुआ के ब्याह में खुरपी का गीत
Bihar Politics: फरक्का बांध के मुद्दे को लेकर बिहार की सियासत में एक बार फिर तल्खी बढ़ गई है।...
Bihar Politics: फरक्का बांध के मुद्दे को लेकर बिहार की सियासत में एक बार फिर तल्खी बढ़ गई है। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और जदयू नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने फरक्का बैराज को लेकर संजय झा और नीरज कुमार के बयानों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेता लगातार गलत बयानी कर रहे हैं। सुधाकर सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि ‘हसुआ के ब्याह में खुरपी का गीत गाया जा रहा है।’
RJD सांसद ने कहा कि फरक्का बांध का मुद्दा बिहार के लिए नया नहीं है। उनके मुताबिक, जब पिछली बार फरक्का बांध को लेकर समझौता हुआ था, तब तत्कालीन बिहार नेतृत्व की ओर से इसका विरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तत्कालीन जल संसाधन मंत्री जगदानंद सिंह ने फरक्का समझौते का पुरजोर विरोध किया था।
सुधाकर सिंह ने दावा किया कि बिहार लंबे समय से फरक्का बांध के प्रभाव का दंश झेल रहा है। उनका कहना था कि जिस पानी का इस्तेमाल बिहार में खेती और उद्योग के लिए होना चाहिए था, उसका समुचित उपयोग नहीं हो पाया और पानी बांग्लादेश की ओर चला गया। उन्होंने फरक्का बैराज की मौजूदा भूमिका और बिहार के जल हितों को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार से जवाब मांगा।
‘संजय झा आखिर किससे मांग कर रहे हैं?’
सुधाकर सिंह ने जदयू नेता संजय झा पर सीधा हमला करते हुए पूछा कि आखिर वह फरक्का के मुद्दे पर किससे मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में भी उन्हीं की सरकार है और बिहार में भी उन्हीं की सरकार है, ऐसे में मांग किससे की जा रही है?उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में फरक्का बैराज के मुद्दे पर गंभीर है तो सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए। सुधाकर सिंह ने दावा किया कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा होने को तैयार है।RJD सांसद ने आगे सवाल उठाया कि यदि केंद्र सरकार बिहार की मांग नहीं मानती है तो क्या संजय झा और उनकी पार्टी सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला करेंगे? उन्होंने कहा कि सिर्फ बयानबाजी से बिहार के जल संकट का समाधान नहीं होगा, इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और ठोस पहल जरूरी है।
‘फरक्का बिहार के लिए बड़ा सवाल, गंगा को बचाना होगा’
सुधाकर सिंह ने फरक्का बैराज की तुलना पनामा नहर से करते हुए इसे समुद्री रास्ते और जल प्रबंधन से जोड़कर कई दावे किए। उन्होंने कहा कि गंगा लगातार संकट में है और नदी को बचाने के लिए जल प्रवाह तथा बांग्लादेश को पानी दिए जाने के सवाल पर गंभीर विमर्श जरूरी है। उन्होंने नेपाल के साथ जल संसाधन और नदी प्रबंधन को लेकर रिश्ते मजबूत करने की भी वकालत की।
संजय झा पर राजनीतिक तंज कसते हुए सुधाकर सिंह ने उनके पुराने राजनीतिक सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संजय झा आज नए-नए नेता के तौर पर सामने आए हैं और दावा किया कि वह वर्ष 1996 में अरुण जेटली के कार्यालय में स्टाफ थे। इसी क्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाया और पूछा कि यदि नीतीश कुमार ने उस समय फरक्का का विरोध किया था तो उनका कोई पुराना बयान सामने क्यों नहीं लाया जाता?सुधाकर सिंह ने बिहार सरकार की जल संसाधन नीति पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि बीते 20 वर्षों में बिहार सरकार ने एक भी बड़ा बांध बनाया है या नहीं?फरक्का बैराज को लेकर RJD के इस हमले ने बिहार में जल नीति, गंगा के प्रवाह और केंद्र-बिहार संबंधों पर नई सियासी बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि संजय झा, जदयू और सरकार की ओर से सुधाकर सिंह के आरोपों का क्या जवाब सामने आता है।
रिपोर्ट- नरोत्तम कुमार सिंह