सुपौल प्रशासन की जनता से अपील, कोसी के जलस्तर को लेकर सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें

सुपौल जिले में कोसी नदी के जलस्तर को लेकर सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के बीच जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। डीएम ने कहा है कि लोग किसी भी प्रकार की अफवाहों और भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करें....

सुपौल प्रशासन की जनता से अपील- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में कोसी नदी के जलस्तर को लेकर सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के बीच जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्पष्ट किया है कि लोग किसी भी प्रकार की अफवाहों और भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करें। उन्होंने जिलेवासियों से कोसी नदी के जलस्तर से संबंधित केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहा है।


कोसी बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक कुल डिस्चार्ज दर्ज 

प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को शाम 6 बजे कोसी बैराज से डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 1,46,325 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, पश्चिमी कोसी मुख्य नहर में 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि पूर्वी कोसी मुख्य नहर में डिस्चार्ज शून्य है। इस प्रकार बैराज से कुल 1,50,325 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है और वर्तमान में बैराज के 17 गेट खोले गए हैं।


नेपाल जलग्रहण क्षेत्र की स्थिति पर पैनी नजर 

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में जलस्तर की स्थिति को लेकर प्रशासन ने बताया कि 27 अगस्त को शाम 6 बजे वहां जलस्तर 1,00,250 क्यूसेक दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इसलिए आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से घबराने या भयभीत होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।


भ्रामक सूचनाएं प्रसारित न करने का निर्देश 

जिलाधिकारी सावन कुमार ने जिलेवासियों से विशेष आग्रह किया है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह को सोशल मीडिया पर आगे प्रसारित न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और समय-समय पर आवश्यक निर्देश आधिकारिक माध्यमों से साझा किए जाएंगे। लोगों को इन्हीं प्रशासनिक घोषणाओं के आधार पर अपनी गतिविधियां तय करने की सलाह दी गई है।


तटबंधीय इलाकों में भय दूर करने के लिए उठाया कदम

कोसी नदी के जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण तटबंध के भीतर और नदी किनारे बसे इलाकों में ग्रामीणों के बीच अक्सर चिंता बनी रहती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अफवाहों के प्रसार पर रोक लगाने और लोगों में अनावश्यक भय पैदा न होने देने के लिए यह अपील जारी की है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जलस्तर और तटबंधों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट