Tej Pratap Statement: पवन सिंह लफुआ है ,शराब पीकर आया हैं, जांच होगी तो धरा जाएगा... तेजप्रताप के तंज से चढ़ा राजनीतिक पारा

भोजपुरी स्टार और बीजेपी MLC पवन सिंह को लेकर है, जिन पर तेज प्रताप यादव ने मंच से तीखा हमला बोला।...

'पवन सिंह लफुआ है;...- फोटो : reporter

Tej Pratap Statement: भोजपुरी बवाल का मंच इन दिनों सिर्फ मनोरंजन का अड्डा नहीं, बल्कि तंज, ठिठोली और सियासी चुटकियों का अखाड़ा भी बनता दिखाई दे रहा है। ताजा मामला भोजपुरी स्टार और बीजेपी MLC पवन सिंह को लेकर है, जिन पर तेज प्रताप यादव ने मंच से तीखा हमला बोला। पटना के ज्ञान भवन में शो की शूटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में तेज प्रताप ने कलाकारों के शराब से दूर रहने की बात कही और इसी बहाने पवन सिंह पर निशाना साध दिया।

तेजप्रताप ने कहा कि वह खुद कृष्ण भगवान के भक्त हैं, वृंदावन आते-जाते हैं और तुलसी की माला धारण करते हैं। उन्होंने दावा किया कि वह शराब से दूर रहते हैं। इसके बाद उनका निशाना कुछ कलाकारों की ओर मुड़ गया।तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि कुछ कलाकार शराब पीकर मंच पर ठुमके लगाते हैं। इसी क्रम में उन्होंने पवन सिंह का नाम लेते हुए कहा कि वह MLC हो गए हैं और शराब पी रहे हैं। तेज प्रताप ने आगे दावा किया कि अगर केस होगा तो पकड़े जाएंगे।

‘लफुआ’ वाले तंज से और चढ़ा पारा

बात यहीं नहीं रुकी। तेज प्रताप ने पवन सिंह को लेकर और भी तीखी टिप्पणी कर दी। उन्होंने उन्हें ‘बड़ा लफुआ’ कह दिया। यानी जिस शो का नाम ही ‘भोजपुरी बवाल’ है, वहां मंच से निकला यह बयान खुद एक नया बवाल बन गया।

एक मंच पर भोजपुरी सितारे, फिर भी जुबानी जंग

दिलचस्प बात यह है कि ‘भोजपुरी बवाल’ में भोजपुरी इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आ रहे हैं। पवन सिंह, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी और तेज प्रताप यादव जैसे नाम इस शो से जुड़े हैं।

यानी मंच पर कैमरा मनोरंजन कैद कर रहा है, लेकिन कैमरे के बाहर बयानबाजी अलग ही पटकथा लिख रही है। एक तरफ कलाकारों की हंसी-मजाक और परफॉर्मेंस है, तो दूसरी तरफ तेज प्रताप के बयान ने सोशल मीडिया और भोजपुरी गलियारे में चर्चा को गरमा दिया है।अब देखना दिलचस्प होगा कि पवन सिंह इस तंज का जवाब देते हैं या फिर ‘भोजपुरी बवाल’ की यह चिंगारी अगले एपिसोड तक सिर्फ चर्चा बनकर रह जाती है। फिलहाल इतना तय है कि शो के मंच पर मनोरंजन चल रहा है और बाहर बयानों की सियासत अपना अलग रंग दिखा रही है।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार