लालू परिवार में भारी बगावत: तेज प्रताप ने पार्टी के दिग्गजों को बताया 'जयचंद', मुकेश रोशन पर लगाया सुपारी देने का संगीन आरोप

तेज प्रताप यादव का दर्द आज छलक उठा। उन्होंने राजद के पाँच बड़े चेहरों को अपनी बर्बादी का जिम्मेदार बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जान की भीख माँगी है। तेज प्रताप का यह बयान लालू परिवार और राजद के भीतर मचे घमासान को सड़क पर ले आया है।

Patna - बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और विधायक तेज प्रताप यादव ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया。 तेज प्रताप ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के पांच वरिष्ठ नेताओं को 'जयचंद' करार देते हुए उन पर अपनी छवि को नुकसान पहुँचाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है。 उन्होंने दावा किया कि ये नेता लगातार उन्हें टारगेट कर रहे हैं और उनके खिलाफ आधारहीन अफवाहें फैला रहे हैं。

तेज प्रताप यादव ने जिन पांच 'जयचंदों' के नाम गिनाए हैं, उनमें पूर्व विधायक मुकेश रोशन, संजय यादव, रमीज खान, शक्ति यादव और सुनील सिंह शामिल हैं。 तेज प्रताप का कहना है कि ये सभी नेता उनके खिलाफ गहरी साजिश रच रहे हैं。 उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जब उनके पिता लालू प्रसाद यादव 'दही-चूड़ा' के दिन उन्हें आशीर्वाद देने आए, तो इन नेताओं में डर समा गया और इसके बाद से ही उनके खिलाफ षड्यंत्रों का दौर और तेज हो गया है。

अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए तेज प्रताप यादव काफी भावुक नजर आए और उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि ये लोग उन्हें डिप्रेशन में पहुँचा रहे हैं。 उन्होंने बेहद कड़े लहजे में सवाल किया, "क्या करूं मैं फांसी लगा लूँ?"。 तेज प्रताप के इस बयान ने राजद के भीतर चल रही गुटबाजी और कलह को पूरी तरह से चौराहे पर ला दिया है, जिससे पार्टी की अंदरूनी सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल खड़े होने लगे हैं。

मामला तब और अधिक गंभीर हो गया जब तेज प्रताप ने पूर्व विधायक मुकेश रोशन पर अपनी हत्या की साजिश रचने का सीधा आरोप लगा दिया。 उन्होंने संदेह जताते हुए पूछा कि 'आकाश भाटी' और 'आकाश गुर्जर' कौन हैं और मुकेश रोशन उनकी हत्या करवाना चाहता है。 इस खतरे को देखते हुए उन्होंने अपने चाचा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मदद की गुहार लगाई है और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है。

तेज प्रताप यादव के इस विस्फोटक खुलासे के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है और विपक्षी दलों को सरकार और राजद पर निशाना साधने का नया मौका मिल गया है。 अपनी ही पार्टी के नेताओं द्वारा जान को खतरा बताने और मुख्यमंत्री से गुहार लगाने की इस घटना ने लालू परिवार के भीतर और पार्टी संगठन में मचे घमासान को एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँचा दिया है。 फिलहाल इस मामले में राजद के अन्य शीर्ष नेताओं की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है。

Report - Debanshu prabhat